डेब्यू फिल्म से रातों-रात बनीं अनु अग्रवाल, स्टारडम के बाद बिना स्क्रिप्ट पैसे लेकर आते थे निर्माता

Anu Aggarwal Life: अनु अग्रवाल आज योगा टीचर हैं और आध्यात्मिक जीवन जी रही हैं। अपनी आत्मकथा अनयूजवल: मेमोइर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड के जरिए उन्होंने हादसे के बाद की संघर्षभरी जिंदगी शेयर की है।
anu aggarwal yoga teacher unusual memoir life story
अनु अग्रवाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Anu Aggarwal Birthday Special: साल 1990 में रिलीज हुई महेश भट्ट निर्देशित फिल्म ‘आशिकी’ ने न सिर्फ बॉलीवुड को एक यादगार म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म दी, बल्कि एक नई स्टार अनु अग्रवाल भी दी। अपनी पहली ही फिल्म से अनु रातों-रात मशहूर हो गईं और उन्हें इंडस्ट्री में ‘आशिकी गर्ल’ के नाम से पहचान मिल गई। राहुल रॉय के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और फिल्म के गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं।

डेब्यू फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद अनु अग्रवाल के करियर में ऐसा दौर आया, जिसने उन्हें खुद भी हैरान कर दिया। एक इंटरव्यू में अनु ने खुलासा किया था कि ‘आशिकी’ के बाद निर्माता उनके पास फिल्म साइन कराने के लिए पैसे लेकर आने लगे थे, लेकिन हैरानी की बात यह थी कि अधिकतर के पास स्क्रिप्ट तक नहीं होती थी।

अनु अग्रवाल का स्टारडम

अनु के मुताबिक, लोग कहते थे कि स्क्रिप्ट बाद में बन जाएगी, आप अभी साइन कर लीजिए। लेकिन मैं एक कलाकार के तौर पर पहले कहानी और किरदार समझना चाहती थी। अनु ने साफ कहा था कि वह सिर्फ पैसों के लिए फिल्म साइन नहीं करना चाहती थीं। उनके अनुसार, करीब 98 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिनके पास पूरी स्क्रिप्ट तैयार नहीं थी। यह उस दौर के फिल्मी सिस्टम की एक झलक भी दिखाता है, जहां स्टारडम के पीछे अक्सर कंटेंट को नजरअंदाज कर दिया जाता था।

अनु अग्रवाल की फिल्में

‘आशिकी’ की सफलता के बाद अनु ने 1990 में ही जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म ‘किंग अंकल’ में काम किया, जिसने उन्हें और लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद वह ‘थोड़ा सा रूमानी हो जाए’ और ‘द ग्रेट गैंबलर’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। हालांकि, इन फिल्मों को ‘आशिकी’ जैसी कामयाबी नहीं मिल सकी और उनका करियर अपेक्षित ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच पाया।

अनु अग्रवाल की जिंदगी

साल 1999 में अनु अग्रवाल की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आया, जब वह एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गईं। इस एक्सीडेंट में उन्हें चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोटें आईं और वह लगभग एक महीने तक कोमा में रहीं। लंबे इलाज और मुश्किल दौर के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली और आध्यात्म व योग की ओर रुख किया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com