-
बुध, 15 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Elections »
- West Bengal Behala Paschim Tmc Bastion History Bjp Challenge 2026 Election
बंगाल के बेहाला पश्चिम का वो सियासी तिलस्म जिसे भाजपा दो दशक बाद भी नहीं भेद पाई, इस चुनाव में क्या होगा?
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Behala West Seat Profile: बेहाला पश्चिम कभी वामपंथियों का अभेद्य दुर्ग था, लेकिन बीते दो दशकों से यहां टीएमसी की बादशाहत कायम है। अब 2026 में क्या भाजपा यहां पहली जीत दर्ज कर पाएगी? जानें सब।

फोटो- नवभारत डिजाइन
West Bengal Assembly Election: कोलकाता की सड़कों पर जब आप डायमंड हार्बर रोड से गुजरते हैं, तो बेहाला चौराहे की गहमागहमी आपको एक अलग ही दुनिया का अहसास कराती है। यह सिर्फ एक रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति का वह केंद्र है जिसने सत्ता के बड़े-बड़े उलटफेर देखे हैं।
बेहाला पश्चिम विधानसभा सीट की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जहां कभी लाल झंडे का राज हुआ करता था, लेकिन आज यह तृणमूल कांग्रेस का सबसे मजबूत किला बन चुका है। जब इस क्षेत्र के चुनावी इतिहास को खंगाला जाता है तो यहां के मतदाताओं की चुप्पी और उनके फैसले कई गहरे राज खोल देते हैं।
लाल किले से टीएमसी की बादशाहत तक का सफर
बेहाला का सियासी सफर 1951 में शुरू हुआ था, जब यह एक सामान्य सीट हुआ करती थी। उस दौर में यहां फॉरवर्ड ब्लॉक और कम्युनिस्ट पार्टी का दबदबा रहा। 1967 में जब इसे पूर्व और पश्चिम में बांटा गया, तब से लेकर 2006 तक यहां वामपंथियों ने 11 में से 9 बार जीत हासिल की। लेकिन साल 2001 में इस गढ़ में पहली बार सेंध लगी। टीएमसी के पार्थ चटर्जी ने अपनी जीत का जो सिलसिला शुरू किया, वह आज तक नहीं थमा है।
सम्बंधित ख़बरें
ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED समन के बाद पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने छोड़ा साथ; बागी गुट में हुए शामिल
बारुईपुर हिंसा केस में बड़ी कार्रवाई, मॉब लिंचिंग के एक और आरोपी को पुलिस ने दबोचा
मानसून में प्रकृति के सबसे खूबसूरत रंग देखने हैं तो पश्चिम बंगाल की इन 5 जगहों का ट्रिप करें प्लैन
हिम्मत है तो स्वीकार करें…कांग्रेस छोड़ना उनकी सबसे बड़ी गलती, ममता बनर्जी को किसने दी चुनौती?
2011 के परिसीमन के बाद जब कोलकाता नगर निगम के वार्ड 118 से 132 तक की सीमाएं तय हुईं, तो टीएमसी की पकड़ और भी मजबूत हो गई। हालांकि 2016 में सीपीएम ने कड़ी टक्कर दी थी और जीत का अंतर काफी कम रह गया था, लेकिन 2021 में टीएमसी ने फिर से 50 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से अपनी ताकत दिखाई।
क्या भाजपा 2026 में बेहाला में रच पाएगी इतिहास?
अगर हम लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बेहाला पश्चिम ने हमेशा टीएमसी का साथ दिया है। 2009 से लेकर 2024 तक लगातार चार लोकसभा चुनावों में यहां से टीएमसी को बढ़त मिली है। दिलचस्प बात यह है कि जहां विधानसभा चुनावों में मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, वहीं लोकसभा में मतदान का प्रतिशत थोड़ा कम रहता है। 2024 के आंकड़े बताते हैं कि यहाँ मतदाताओं की संख्या बढ़कर करीब 3.18 लाख हो गई है।
यह भी पढ़ें: बंगाल में उर्दू बनाम बांग्ला की जंग, सीएम योगी ने बताया TMC का नया मतलब, जानें क्या दी नई परिभाषा?
कागजी तौर पर देखें तो 2026 की राह टीएमसी के लिए आसान दिखती है क्योंकि उन्होंने लगातार नौ बार जीत का स्वाद चखा है। भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अभी तक एक बार भी जीत का खाता नहीं खोल पाई है, जबकि लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन फिलहाल कमजोर नजर आ रहा है।
इतिहास और आधुनिकता के बीच धड़क रहा है बेहाला का दिल
बेहाला सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि बंगाल की समृद्ध विरासत का प्रतीक भी है। सबर्णा रॉय चौधरी जैसे जमींदार परिवारों की जड़ों से जुड़ा यह इलाका आज जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के जरिए आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है। यहां के दुर्गा पूजा पंडाल, सखेर बाजार की रौनक और ऐतिहासिक संग्रहालय इसे कोलकाता के अन्य हिस्सों से अलग बनाते हैं। मध्य कोलकाता और हावड़ा स्टेशन से इसकी कनेक्टिविटी इसे एक प्रीमियम शहरी सीट बनाती है। राजनीति की इस बिसात पर बेहाला पश्चिम के लोग विकास और अपनी पहचान के बीच संतुलन बनाकर वोट देते आए हैं। अब देखना यह होगा कि 2026 के महासमर में क्या भाजपा कोई नया करिश्मा कर पाएगी या ममता बनर्जी का यह गढ़ अजेय ही रहेगा।
West bengal behala paschim tmc bastion history bjp challenge 2026 election
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पड़ेगी भारी! अब चालान ही नहीं, वाहन भी होगा सीज, पढ़िए पूरी खबर
Jul 15, 2026 | 05:32 PMMouth Ulcers: मुंह के छालों से हैं परेशान? अपनाएं ये घरेलू उपाय, दर्द और जलन से जल्द मिल सकती है राहत
Jul 15, 2026 | 05:30 PMशरद पवार की एक चाल, मोदी-शाह चारो खाने चित, NDA को भी खुश किया और पार्टी को टूट से भी बचाया
Jul 15, 2026 | 05:30 PMइंदौर: CM मोहन यादव ने जिला चिकित्सालय के नवनिर्मित 300 बिस्तरीय भवन का किया लोकार्पण
Jul 15, 2026 | 05:26 PMICC ने बदल दिए क्रिकेट के सबसे बड़े नियम! अब ऐसे खेले जाएंगे वनडे और टी20 वर्ल्ड कप, हर मैच होगा करो या मरो
Jul 15, 2026 | 05:22 PMCSMT के ऐतिहासिक गुंबद से पानी रिसने की वजह आई सामने, कमजोर हुए 100 साल पुराने पत्थरों के जोड़
Jul 15, 2026 | 05:17 PMExplainer: मोसाद का एजेंट निकला ईरान का राष्ट्रपति! तख्तापलट की थी साजिश, कैसे फेल हुआ इजरायल का मास्टरप्लान?
Jul 15, 2026 | 05:16 PMवीडियो गैलरी

माता वैष्णो देवी मंदिर में 500 करोड़ का ‘नकली चांदी’ घोटाला: अदालत का कड़ा रुख, देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 04:56 PM
बांकीपुर की जनता के बीच पहुंचे नितिन नबीन, BJP उम्मीदवार के समर्थन में किया चुनाव प्रचार- VIDEO
Jul 15, 2026 | 02:33 PM
कोलकाता एयरपोर्ट की 136 साल पुरानी मस्जिद पर विवाद, सुरक्षा बनाम आस्था की बहस तेज-VIDEO
Jul 15, 2026 | 02:28 PM
‘हाफ एनकाउंटर’ पर भड़के पप्पू यादव, बोले- कानून से नहीं चलेगा बिहार- VIDEO
Jul 15, 2026 | 02:09 PM
टीकमगढ़ में राशन की बोरी से निकला जानवर का सिर और हड्डियां, मचा हड़कंप- VIDEO
Jul 15, 2026 | 01:44 PM
नागपुर के सरकारी पार्क में लहलहा रही थी गांजे की फसल, BJP नेता के वीडियो शेयर करने पर मचा हड़कंप; VIDEO वायरल
Jul 14, 2026 | 11:09 PM














