

Haryana Assembly Elections Result 2024: विनेश फोगाट जिसे हम कुश्ती के अखाड़े में देखा करते थे अब वो हमें विधानसभा में अपनी आवाज बुलंद करती हुई दिखेंगी। ओलंपिक में वजन बढ़ने के बाद उन्हें डिसक्वालीफाई कर दिया गया था। जिसके बाद विनेश ने भारत लौटते ही अपने हाव-भाव से बता दिया कि वो हरियाणा के चुनाव में लड़ने वाली है। हरियाणा के जुलाना से विनेश ने पर्चा भरा और 6015 वोटों से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही वो विधायक भी बन गई है।
विनेश के लिए आज की सुबह काफी मुश्किल रही लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया उनका विश्वास बढ़ता गया और अंत में जुलाना सीट से जीत हासिल कर ली। यह एक ऐसी जीत है जैसे दंगल के पहले दो राउंड में पीछे चल रही हो लेकिन फाइनल राउंड में विरोधी को चित कर दिया हो। ठीक मतगणना के समय भी कुछ ऐसा रहा। अंत में जीत विनेश की हुई। 30 वर्षीय विनेश के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहा।
2005 के बाद कांग्रेस ने जुलाना सीट पर हासिल की जीत
विनेश की जीत कोई छोटी जीत नहीं है। यह एक ऐसी जीत है जिसे 2005 के बाद कांग्रेस जुलाना की सीट पर जीत नहीं दर्ज कर पाई थी। इसलिए सभी की नजरें इस सीट पर टिकी हुई थी। इस जीत के साथ ही जुलाना से पहली बार कोई महिला प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। कुश्ती से संन्यास ले चुकीं फोगाट की जिंदगी के उतार-चढ़ाव ऐसे हैं कि माने कोई फिल्म चल रहा हो।
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विनेश ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर राजनीति में पदार्पण किया। कांग्रेस को सत्तारूढ़ भाजपा को उखाड़ फेंकने का भरोसा था, जो 10 साल की सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही थी। हालांकि ऐसा हो न सका, क्योंकि भाजपा विधानसभा की कुल 90 सीट में से 48 पर जीत दर्ज कर चुकी है जबकि कांग्रेस 36 सीट जीतने के साथ एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
100 ग्राम वजन बढ़ने के कारण ओलंपिक से हुई बाहर
फोगाट ने नौ साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था लेकिन कुश्ती के खेल ने उन्हें सहारा दिया। हालांकि हाल में ही हुए पेरिस ओलंपिक की घटना ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया था। अंत में उन्होंने हार मानकर कुश्ती को अलविदा कह दिया। इसके बाद फोगाट ने ‘राजनीति के अखाड़े' के लिए खुद को तैयार किया एवं जीत का परचम लहराया। पेरिस ओलंपिक में कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल से पहले 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण उन्हें डिसक्वालीफाई कर दिया गया। जिसके बाद अब विनेश ने जुलाना से जीत हासिल करके एक नेता के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई है।
विनेश ने जीते है पांच स्वर्ण
इससे पहले फोगाट ने अपने शानदार करियर में दो विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक, दो एशियाई खेल पदक, जिसमें एक स्वर्ण पदक, आठ एशियाई चैंपियनशिप पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। कुल मिलाकर, फोगट ने विभिन्न विश्व और महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं में 15 पदक जीते, जिनमें से पांच स्वर्ण पदक थे।
विनेश के सोशल मीडिया ‘बायो' की शुरुआती लाइन में लिखा है, ‘‘एक दिन, आपकी सारी मेहनत रंग लाएगी।'' निश्चित रूप से विनेश के लिए मंगलवार का दिन ऐसे ही दिनों में से एक साबित हुआ है।