‘वन नेशन-वन रेशन’ में महाराष्ट्र अव्वल, 19 लाख प्रवासियों को मिला मुफ्त अनाज, शिवभोजन थाली ने भी रचा इतिहास

ONORC Statistics 2026: महाराष्ट्र की आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' में राज्य अव्वल रहा है। अब तक 18.97 लाख प्रवासी मजदूरों ने यहां से अनाज लेकर रिकॉर्ड बनाया है।
Maharashtra Economic Survey 2025-26 One Nation One Ration Card
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Maharashtra Economic Survey 2025-26: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ (ONORC) को लागू करने में महाराष्ट्र देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। हाल ही में जारी राज्य की आर्थिक समीक्षा (2025-26) के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र आने वाले अन्य राज्यों के मजदूरों के लिए यह योजना किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है।

प्रवासियों को मिला उनका हक

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 18.97 लाख परराज्यीय (Inter-state) कार्डधारकों ने महाराष्ट्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ उठाते हुए अनाज प्राप्त किया है। इसमें सबसे बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए श्रमिकों की है। 'अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी' की इस सुविधा ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी गरीब मजदूर, चाहे वह देश के किसी भी कोने में हो, राशन से वंचित न रहे।

महाराष्ट्र के बाहर भी मिल रही सुविधा

जहां एक तरफ अन्य राज्यों के लोग महाराष्ट्र में लाभ ले रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के 1.40 लाख राशन कार्ड धारकों ने भी देश के विभिन्न राज्यों में प्रवास के दौरान इस योजना के तहत राशन उठाया है। राशन दुकानों पर लागू पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की वजह से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और सही लाभार्थी तक अनाज पहुंच रहा है।

आंकड़ों की जुबानी सफलता की कहानी

  • प्रवासी लाभार्थी (महाराष्ट्र में): 18.97 लाख
  • महाराष्ट्र के लाभार्थी (अन्य राज्यों में): 1.40 लाख
  • कुल सक्रिय शिवभोजन केंद्र: 1,874
  • वितरित शिवभोजन थालियां: 4.09 करोड़

शिवभोजन थाली से 4 करोड़ से ज्यादा लोगों की मिटी भूख

सिर्फ राशन ही नहीं, बल्कि तैयार भोजन उपलब्ध कराने में भी राज्य ने बड़ी सफलता हासिल की है। गरीबों को किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन देने वाली शिवभोजन थाली योजना के तहत नवंबर 2025 तक कुल 4.09 करोड़ थालियों का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में राज्यभर में 1,874 शिवभोजन केंद्र सक्रिय रूप से चल रहे हैं, जो जरूरतमंदों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।

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