-
बुध, 8 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Elections »
- Uncle Vs Nephew Battle In Maharashtra Politics History From Thackeray To Bhujbal Family
महाराष्ट्र की सियासत में चाचा बनाम भतीजे की जंग, ठाकरे-पवार परिवार से लेकर भुजबल फैमिली तक दिखा बगावती रंग, जानें इतिहास
- Written By: अभिषेक सिंह
भारत की सियासत में चाचा बनाम भतीजे की तनातनी नई नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में इस जंग ने एक अलग ही मुकाम हासिल किया है। यहां चाचा-भतीजे की जंग के इतने उदाहरण हैं जितने किसी भी एक राज्य में न हुए हैं और न होने के आसार हैं।

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
मुंबई: भारत की सियासत में चाचा बनाम भतीजे की तनातनी नई नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में इस जंग ने एक अलग ही मुकाम हासिल किया है। यहां चाचा-भतीजे की जंग के इतने उदाहरण हैं जितने किसी भी एक राज्य में न हुए हैं और न ही होने के आसार हैं। इस बार भी महाराष्ट्र चुनाव में कई जगहों पर चाचा-भतीजे की जंग होने वाली है।
राष्ट्रीय राजनीति हो या महाराष्ट्र की राजनीति, चाचा की उंगली पकड़कर राजनीति के गुर सीखने के बाद राजनीति में अपने ही चाचा से बगावत और चुनौती की कहानी कोई नई बात नहीं है। भारतीय राजनीति का इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है जब चाचा भतीजे पर भारी पड़े तो कभी भतीजे ने चाचा पर। चाहे यूपी में 2017 के चुनाव के दौरान अखिलेश-शिवपाल का मामला हो या बिहार में पशुपति पारस और चिराग पासवान का।
सियासत, साम्राज्य और सत्ता के खेल में पारिवारिक रिश्ते और व्यवहार तार-तार होते रहते हैं। महाराष्ट्र में चाचा-भतीजे के बीच यह पहली लड़ाई नहीं है। ऐसा पहले भी हो चुका है। अभी भी हो रहा है और जिस तरह से यहां का राजनीतिक परिदृश्य है, भविष्य में भी ऐसा ही होने वाला है। तो आइए जानते हैं महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा बनाम भतीजे की लड़ाई का अतीत और वर्तमान।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: क्या शरद पवार गुट NDA में होगा शामिल? जयंत पाटिल-तावड़े मुलाकात से अटकलें तेज
भंडारा में बदहाल सड़क को लेकर शिवसेना का चक्का जाम, 24 घंटे का अल्टीमेटम
महायुति में टकराव, रोहित पवार का बड़ा दावा, 2029 में चुनाव रद्द कराने की योजना बना रही है बीजेपी
सत्ता सुख के लिए फिर करवट लेगी महाराष्ट्र की राजनीति? पवार की राकांपा में ‘विलय या एनडीए’ को लेकर मचा घमासान
बालासाहेब ठाकरे vs राज ठाकरे
मराठी क्षेत्रवादी और हिंदू अति-राष्ट्रवादी शिवसेना राजनीतिक पार्टी की स्थापना बाल ठाकरे ने 1966 में महाराष्ट्र में की थी। पार्टी बनाने के बाद बालासाहेब को अपने भाई श्रीकांत ठाकरे और अगली पीढ़ी के बेटे उद्धव ठाकरे और भतीजे राज ठाकरे का समर्थन मिला। राज ठाकरे ने शिवसेना की छात्र शाखा भारतीय विद्यार्थी सेना शुरू करके अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1990 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान वे चर्चा में आए। 1990 के दशक में राज ठाकरे खुद को अपने चाचा बालासाहेब का उत्तराधिकारी मानते थे। हालांकि बालासाहेब ने अपने बेटे उद्धव ठाकरे को प्राथमिकता दी।
यह भी पढ़ें:- बाबा सिद्दीकी की सीट पर चुनाव लड़ेगा लॉरेंस बिश्नोई? नामांकन दाखिल करने की हो रही तैयारी!
बालासाहेब ठाकरे के लिए काम करने वाले अन्य नेताओं द्वारा कई वर्षों तक दरकिनार किए जाने के बाद राज ठाकरे ने 27 नवंबर 2005 को शिवसेना से इस्तीफा दे दिया और एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने के अपने इरादे की घोषणा की। ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के खिलाफ विद्रोह किया और 9 मार्च 2006 को मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की। इसके बाद जब 2009 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए तो राज ठाकरे कुछ खास नहीं कर पाए लेकिन शिवसेना-भाजपा गठबंधन के वोट काटकर उसे हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
शरद पवार बनाम अजित पवार
महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और अजित पवार के बीच के रिश्ते सबसे ज्यादा चर्चित रहे हैं। शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की स्थापना की। अजित पवार शरद पवार के भतीजे हैं और एनसीपी में एक प्रभावशाली नेता हैं। हालांकि, दोनों के बीच कई बार राजनीतिक मतभेद भी हुए हैं, खासकर तब जब अजित पवार ने महाराष्ट्र में भाजपा के साथ गठबंधन किया और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
इस कदम से शरद पवार के समर्थकों में हलचल मच गई और यह साफ हो गया कि परिवार के भीतर सत्ता संघर्ष गहरा गया है। इसके बावजूद दोनों ने फिर साथ आकर काम किया, जिससे राजनीतिक समीकरणों में नया मोड़ आया। लेकिन कुछ ही दिन बाद एनसीपी फिर से दो दलों में बंट गई। एक एनसीपी जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार हैं और दूसरा एनसीपी शरद चंद्र पवार गुट जिसका नेतृत्व शरद पवार कर रहे हैं।
छगन भुजबल वर्सेस समीर भुजबल
महाराष्ट्र में एनसीपी के कद्दावर नेता छगन भुजबल के बेटे समीर भुजबल ने भी बगावत कर दी है। भतीजे समीर भुजबल ने नांदगांव सीट पर निर्दलीय ताल ठोंक दी है। जिसके बाद छगन ने एक बयान में यह बात भी कही है कि सभी भतीजों का डीएनए एक जैसा होता है।
अजित पवार vs युगेंद्र-रोहित पवार
अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार के बेटे युगेंद्र पवार भी राजनीतिक रूप से चर्चा में हैं। उन्होंने अभी-अभी सक्रिय राजनीति में कदम रखा है, लेकिन पिछले कई सालों से उनकी मौजूदगी राजनीतिक गतिविधियों में देखी जा रही है। राज्य की बारामती विधानसभा सीट के लिए चाचा-भतीजे के बीच जंग होने जा रही है। पुणे जिले की बारामती सीट के लिए शरद पवार ने अजित पवार के खिलाफ युगेंद्र पवार को मैदान में उतारा है।
युगेंद्र शरद पवार के गुट से चुनावी मैदान में होंगे। अजित पवार को उनके दूसरे भतीजे रोहित पवार से भी चुनौती मिल चुकी है। लोकसभा चुनाव में रोहित पवार ने अजित पवार के खिलाफ कड़े बयान दिए थे और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
उद्धव ठाकरे vs अमित ठाकरे
उद्धव ठाकरे के उत्तराधिकारी आदित्य ठाकरे हैं, जो एमवीए की उद्धव ठाकरे सरकार में सबसे युवा मंत्री थे। उद्धव ठाकरे शिवसेना यूबीटी प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जबकि उनके बेटे आदित्य ठाकरे युवा नेता और विधायक हैं। लेकिन उनके भतीजे अमित ठाकरे राज ठाकरे के बेटे हैं जो कि सियासत में उतर चुके हैं।
यह भी पढ़ें:- समीर भुजबल के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर छगन भुजबल का तंज, कहा- सभी भतीजों का DNA एक जैसा, अजित पवार का दिया उदाहरण
मनसे की राजनीति भले ही शिवसेना से अलग रही हो, लेकिन अमित ठाकरे के राजनीतिक करियर की तुलना आदित्य ठाकरे से की जाती है। ये दोनों चचेरे भाई एक दूसरे के खिलाफ खड़े हैं। अमित ठाकरे मनसे के टिकट पर मुंबई की माहिम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने अमित ठाकरे के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारा है।
राज ठाकरे बनाम आदित्य ठाकरे
राज ठाकरे और आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में एक और दिलचस्प चाचा-भतीजे की जोड़ी है। राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर मनसे की स्थापना की थी, जिसका असर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर भी पड़ा। आपको बता दें कि महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान है, जबकि नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
Uncle vs nephew battle in maharashtra politics history from thackeray to bhujbal family
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Prambanan Temple: पीएम मोदी पहुंचे इंडोनेशिया के 1100 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर, देखें वीडियो
Jul 08, 2026 | 11:53 AMगोंदिया में किसानों को साहूकारों से बचाने की पहल, 43 हजार से अधिक किसानों ने लिया 320 करोड़ का फसल कर्ज
Jul 08, 2026 | 11:53 AMचमोली में बारिश का कहर, नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग पर गिरा मलबा, बोल्डर से थमा ट्रैफिक
Jul 08, 2026 | 11:42 AMमहाराष्ट्र को 20 साल बाद मिला नर्मदा का हक, 10 TMC पानी मिलने का रास्ता साफ, शाह की बैठक में बड़ा फैसला
Jul 08, 2026 | 11:42 AMSandwich Fashion: क्या होता है फैशन सैंडविच? इस स्टाइलिंग ट्रिक से दिखेंगी ज्यादा स्टाइलिश
Jul 08, 2026 | 11:39 AMवर्धा में बारिश के साथ बढ़ा सर्पदंश का खतरा: साढ़े 3 साल में 1931 लोग हुए शिकार, स्वास्थ्य केंद्रों पर ASV अलर
Jul 08, 2026 | 11:39 AMHormuz Tanker Attacks: 24 घंटे में 3 जहाजों पर मिसाइल हमले, अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव?
Jul 08, 2026 | 11:37 AMवीडियो गैलरी

इस्तीफे से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता, राम मंदिर ट्रस्ट पर AAP सांसद संजय सिंह का बड़ा हमला- VIDEO
Jul 08, 2026 | 11:20 AM
Meerut Robbery Case: हनीमून मना रही ‘लेडी डॉन’ ज्योति चौधरी गिरफ्तार, Instagram Reel से खुला राज। देखें VIDEO
Jul 07, 2026 | 11:09 PM
सिर्फ 400 मीटर की दूरी बनी जानलेवा, एंबुलेंस चालक की एक ‘ना’ और स्ट्रेचर पर ही टूट गईं लड़की की सांसें- VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:56 PM
Jabalpur Building Collapse: बड़ा फुहारा बाजार में 3 मंजिला जर्जर इमारत गिरी, टला बड़ा हादसा। देखें VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:47 PM
क्या जेल जाएंगे खान सर? गिरफ्तारी की लटकी तलवार! आर्म्स लाइसेंस विवाद में लीगल एडवाइजर का बड़ा खुलासा- VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:34 PM
CM Yogi Security Breach: हेलीकॉप्टर तक पहुंचा किशोर, प्रयागराज एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक से हड़कंप। देख
Jul 07, 2026 | 10:25 PM














