

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की पृष्ठभूमि में माहिम विधानसभा सीट को लेकर महायुति में घमासान मचा हुआ है। यहां अब तक महायुति में बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में मतभेद देखने को मिल रहा था।
माहिम में जहां बीजेपी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के पुत्र अमित ठाकरे का प्रचार करने ऐलान किया था। वहीं सीएम शिंदे ने अपने मौजूदा विधायक और पार्टी के उम्मीदवार सदा सरवणकर को समर्थन की घोषणा की थी।
लेकिन सोमवार को उम्मीदवारी वापस लेने के आखिरी दिन बीजेपी में भी मतभेद उभर कर सामने आ गए। बीजेपी नेता व सांसद नारायण राणे ने सदा सरवणकर को समर्थन की घोषणा करके सभी को सकते में डाल दिया है। माहिम विधानसभा सीट को लेकर ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि महायुति और खुद बीजेपी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
यहां शिवसेना (शिंदे गुट), मनसे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय लड़ाई तय हो गई है। शिंदे गुट ने अपने विधायक सदा सरवणकर को टिकट दिया है। तो वहीं शिवसेना यूबीटी ने महेश सावंत को उम्मीदवार बनाया है। जबकि यहां से राज के पुत्र अमित ठाकरे भी चुनावी राजनीति में कदम रख दिया है।
लोकसभा चुनाव में महायुति को राज के बिना शर्त समर्थन के बदले बीजेपी ने अमित को समर्थन का प्रस्ताव रखा था। बीजेपी ने सीएम शिंदे पर भी इसके लिए दबाव बनाया था और शिंदे ने ऊपरी तौर पर ऐसा प्रयास भी किया था लेकिन पहले सदा सरवणकर ने पीछे हटने से इनकार कर दिया।
बाद में शिंदे ने भी सदा को समर्थन की घोषणा कर दी। शिंदे ने यह भी कहा कि राज ने अमित की उम्मीदवारी घोषित करने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया था। इस दौरान उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार और विधायक प्रसाद लाड सहित बीजेपी के तमाम नेता जहां खुलकर राज पुत्र को समर्थन का दम भर रहे हैं, वहीं राणे ने सदा को साथ देने की बात कहकर सभी को चौंका दिया है।
लोकसभा चुनाव के दौरान राज ने नारायण राणे के लिए सिंधुदुर्ग में एक जनसभा को संबोधित किया था। लेकिन अब राणे ने सदा को समर्थन की बात कहकर राज को बड़ा झटका दिया है। राणे का दावा है कि सीएम शिंदे की शिवसेना महायुति में शामिल है। इसलिए सदा सरवणकर ही महायुति के उम्मीदवार हैं और हम सदा का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है। हम सुबह यहां, शाम को वहां वाली नीति नहीं अपनाते हैं। हमारा जॉब परमानेंट है।
दूसरी तरफ सदा सरवणकर ने सोमवार को उम्मीदवारी वापस लेने के संकेत दिए थे। दावा किया जा रहा है कि सीएम शिंदे से मिले विधान परिषद और मंत्री पद के आश्वासन के बाद सदा चुनाव से अपना नाम वापस लेना चाहते थे।
लेकिन, इससे पहले उन्होंने राज से मिलकर चर्चा करने की शर्त रखी थी। उन्होंने अपने पुत्र समाधान और कुछ सहयोगियों को राज से समय मांगने के लिए भी भेजा था लेकिन राज ने मुलाकात या चर्चा करने से इनकार कर दिया। राज ने कहा कि सदा चाहे तो चुनाव लड़ ले या फिर अपना नाम वापस लेना चाहे तो ले ले। यह उनकी मर्जी पर निर्भर है।
शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार सदा सरवणकर ने खेद जताते हुए कहा, "मेरे जैसे कार्यकर्ता से मिलने से राज ठाकरे का इनकार करना मेरे लिए दुखद है। तीसरे उम्मीदवार से मुंबई में कांग्रेस गठबंधन को फायदा होगा।"