तमिलनाडु के चुनावी रण में आज थमने वाला है शोर, 5.7 करोड़ वोटर्स करेंगे 4023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का शोर मंगलवार शाम यानी कल थम जाएगा। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में 4023 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Tamil Nadu Assembly Polls: दक्षिण भारत की राजनीति का सबसे बड़ा गढ़ यानी तमिलनाडु अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर सत्ता का संग्राम अपने चरम पर पहुंच चुका है और आने वाले मंगलवार की शाम चुनाव प्रचार का शोर पूरी तरह खामोश हो जाएगा।
इस बार की चुनावी लड़ाई महज दो पारपंरिक दलों के बीच नहीं है, बल्कि इसमें कई नए और दिग्गज चेहरे अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। 23 अप्रैल को होने वाला यह मतदान तय करेगा कि अगले पांच सालों तक तमिलनाडु की कमान किसके हाथों में होगी और द्रविड़ राजनीति का अगला उत्तराधिकारी कौन बनेगा। चुनाव आयोग ने भी इस लोकतांत्रिक उत्सव को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
सत्ता पाने के लिए मैदान में उतरे हजारों दिग्गज
चुनाव आयोग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि 4023 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में कुल 5,73,43,291 मतदाता पंजीकृत हैं जो लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेकर नई सरकार का चुनाव करेंगे। चुनाव आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि इस बार मतदान का प्रतिशत 100 तक पहुंचे और कोई भी वोटर पीछे न छूटे।
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इसके लिए पूरे राज्य में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को मतदान के महत्व के बारे में समझाया जा सके। उम्मीदवारों की यह विशाल संख्या दर्शाती है कि मतदाताओं के पास इस बार विकल्पों की कोई कमी नहीं है और वे बहुत सोच-समझकर अपना फैसला सुनाने वाले हैं।
दिग्गजों की आखिरी रैली और प्रचार थमने की उलटी गिनती
राज्य में जन प्रचार का दौर 21 अप्रैल की शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से समाप्त होने वाला है। इससे पहले सभी बड़े राजनीतिक नेताओं ने अपने-अपने गढ़ बचाने और नए क्षेत्रों में पैठ बनाने के लिए अंतिम दौर की जोरदार रणनीति तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में एक विशाल जनसभा के साथ चुनाव प्रचार का समापन करेंगे।
दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी नेता के. पलानीस्वामी ने सलेम जिले के अपने प्रभाव वाले क्षेत्र एडप्पाडी में जनसंपर्क अभियान को पूरा करने का फैसला किया है। इन अंतिम रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ और नेताओं के तीखे बयानों ने राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
अभिनेता विजय की एंट्री ने बदला चेन्नई का चुनावी समीकरण
इस विधानसभा चुनाव में जिस शख्सियत ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी है, वे हैं टीवीके नेता और मशहूर अभिनेता विजय। उनके चुनावी मैदान में उतरने से राज्य के युवाओं और उनके फिल्मी प्रशंसकों के बीच एक अलग ही उत्साह की लहर देखने को मिल रही है।
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विजय ने अपना चुनावी अभियान चेन्नई के नंदनम इलाके में समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसे राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। डीएमके, एआईएडीएमके और एनटीके जैसे स्थापित दलों के बीच विजय की सक्रियता ने इस मुकाबले को पूरी तरह बहुकोणीय बना दिया है। अब राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या फिल्मी पर्दे का यह जादू ईवीएम तक भी पहुंच पाएगा और चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा।
वोटर्स के लिए तैयारी जोरों पर
प्रचार का शोर थमते ही प्रशासनिक मशीनरी का पूरा ध्यान मतदान की सुचारू और शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर केंद्रित हो जाएगा। राज्य भर में कुल 75,064 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मतदाताओं की मदद के लिए चुनाव कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर बूथ स्लिप बांटने का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है।
