Meenakshi Natarajan Case: मीनाक्षी नटराजन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, EC को दी चुनौती
Meenakshi Natarajan Case: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा था। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ अब यह मामला देश के सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
मीनाक्षी नटराजन केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू (सोर्स-सोशल मीडिया)
Meenakshi Natarajan Case Supreme Court: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की इकलौती उम्मीद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक बड़े कानूनी विवाद में फंसने के बाद रद्द हो गया था। इसके बाद कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मीनाक्षी नटराजन को इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिलेगी या नहीं, इस पर आज अहम फैसला आ सकता है। इस विवादित मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में बहुत ही महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू हो गई है।
मीनाक्षी नटराजन की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अदालत में अपनी दलील दे रहे हैं। सिंघवी ने कहा कि यह एक निजी शिकायत है जिसमें संज्ञान नहीं लिया गया है और आरोप भी तय नहीं हुए हैं। बता दें कि नटराजन ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के इस बड़े फैसले को पूरी तरह गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के विरुद्ध बताया गया है।
नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप
दरअसल मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में जानकारी छिपाने के बड़े आरोप में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पूरी तरह से रद्द कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी। 11 जून तक नाम वापसी की आखिरी तारीख थी ऐसे में चुनाव आयोग ने बीजेपी के तीनों राज्यसभा कैंडिडेट को विजयी घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद से ही कांग्रेस खेमे में एक बड़ा भूकंप आ गया है और भारी राजनीतिक हलचल मच गई है।
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सिंघवी ने अदालत में दी दलीलें
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जांच करने पर पता चला कि एक प्राइवेट शिकायत दर्ज की गई थी। सिंघवी ने कहा कि कोई आरोप तय नहीं किए गए हैं, तो एक उम्मीदवार को यह जानकारी क्यों देनी चाहिए। अगर कोई भी आपराधिक मामला लंबित होता, तो एक उम्मीदवार के तौर पर उन्हें यह बताना पड़ता जो कि जरूरी होता। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की जगह उसे इस राज्यसभा चुनाव में पूरी तरह खत्म किया गया।
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कांग्रेस करेगी राष्ट्रपति भवन तक मार्च
कांग्रेस पार्टी लगातार यह अहम मांग कर रही थी कि अभी तुरंत बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों को विजयी घोषित बिल्कुल नहीं किया जाए। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने कल सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में तुरंत सुनवाई करने की अपील की थी। उधर अब कांग्रेस पार्टी इस मामले को सड़क पर ले जाने की पूरी तैयारी कर रही है और विधायकों के साथ बैठक कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने आज राष्ट्रपति से मिलने का वक्त मांगा है और विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर सकती है।
