पीएम मोदी के झालमुड़ी स्वाद ने कैसे बिगाड़ा हेमंत सोरेन का खेला? बंगाल में छिड़ गया नया सियासी संग्राम

PM Modi Jhargram Visit: पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में पीएम मोदी का झालमुड़ी खाना एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि इस वजह से हेमंत सोरेन का हेलिकॉप्टर नहीं उतर पाया।
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पीएम मोदी, फोटो- सोशल मीडिया
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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की चुनावी सरगर्मियों के बीच झाड़ग्राम की सड़कों से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक बड़ी चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद अचानक सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान पर रुक गए।

वहां उन्होंने झालमुड़ी खाई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। जहां भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री की सादगी बता रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे लेकर एक बहुत ही गंभीर और तीखा आरोप लगा दिया है। टीएमसी का आरोप है कि पीएम के इस ब्रेस के चक्कर में हेमंत सोरेन का हेलिकॉप्टर नहीं उतर पाया और उनको वापस लौटना पड़ा।

पीएम मोदी के जायके ने बिगाड़ा टीएमसी का स्वाद

बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान रविवार को झाड़ग्राम में माहौल तब पूरी तरह बदल गया जब प्रधानमंत्री का काफिला कॉलेज मोड़ के पास अचानक थम गया। प्रधानमंत्री मोदी वहां एक स्थानीय दुकान पर झालमुड़ी का लुत्फ उठाने के लिए रुके थे। प्रधानमंत्री ने खुद भी इस पल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बंगाल के इस प्रसिद्ध नाश्ते की तारीफ की। लेकिन इस छोटे से ब्रेक ने जल्द ही एक बड़े सियासी विवाद का रूप ले लिया जब विपक्षी दल मैदान में उतर आया।

हेमंत सोरेन को वापस रांची क्यों लौटना पड़ा

तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि प्रधानमंत्री के इस अचानक तय हुए कार्यक्रम की वजह से पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए। पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री के झालमुड़ी खाने के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के हेलिकॉप्टर को झाड़ग्राम में लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई।

सोरेन दंपत्ति उस समय दांतन और केशियारी में अपनी चुनावी बैठकें निपटाकर झाड़ग्राम पहुंचने वाले थे। अनुमति न मिलने के कारण उन्हें अपनी चुनावी सभा में हिस्सा लिए बिना ही वापस रांची लौटना पड़ा, जिससे विपक्षी खेमे में काफी नाराजगी है।

टीएमसी ने भाजपा को बताया आदिवासी विरोधी मानसिकता

इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। टीएमसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह पूरी घटना भाजपा की आदिवासी विरोधी मानसिकता को साफ तौर पर दर्शाती है। पार्टी का कहना है कि एक फोटो-ऑप कार्यक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों से ऊपर रखा गया।

टीएमसी के अनुसार, एक आदिवासी मुख्यमंत्री के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के निजी मनोरंजन के लिए बाधित करना बेहद निंदनीय है। इस मुद्दे ने अब बंगाल चुनाव के नैरेटिव को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां क्षेत्रीय पहचान और बाहरी बनाम भीतरी की बहस फिर से तेज हो गई है।

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