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Mukesh Sahani: एक्टर बनने घर से भागे मुकेश सहनी कैसे बने बिहार के ‘सन ऑफ मल्लाह’ और मिनिस्टर?
Mukesh Sahani VIP Party: एक्टर बनने मुंबई भागे मुकेश सहनी सेल्समैन से बॉलीवुड सेट डिजाइनर बने और फिर बिहार के मिनिस्टर। जानिए 'सन ऑफ मल्लाह' और VIP प्रमुख का प्रेरक राजनीतिक सफर।
- Written By: अनिल सिंह

जानिए VIP प्रमुख मुकेश सहनी का संघर्ष और बॉलीवुड से बिहार तक का सियासी सफर
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के मुखिया मुकेश सहनी का नाम अब किसी पहचान का मोहताज नहीं है। अपनी निषाद (मल्लाह) समुदाय की मजबूत पकड़ के चलते उन्हें ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से भी जाना जाता है। उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जिसमें गरीबी, संघर्ष और फिर बॉलीवुड की चकाचौंध के बाद अचानक राजनीति में एंट्री का बड़ा ट्विस्ट है। एक समय था जब वह एक्टर बनने के लिए मात्र 18-19 साल की उम्र में घर छोड़कर मुंबई भाग गए थे, और आज वह बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राज्य की राजनीति के किंगमेकर माने जाते हैं।
बिहार के दरभंगा जिले के सुपौल बाजार के एक गरीब निषाद परिवार में जन्मे मुकेश सहनी ने बचपन में ही आर्थिक विपन्नता देखी। अपने सपनों को पूरा करने की चाह में वह 1999 के आसपास खाली हाथ मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्होंने एक सेल्समैन के रूप में नौकरी की, लेकिन जल्द ही उनके दिमाग में एक बड़ा आईडिया आया। उन्होंने फिल्मों, टीवी सीरियलों और इवेंट्स के लिए सेट डिजाइनिंग के बिजनेस में कदम रखा। अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने ‘मुकेश सिनेवर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड’ जैसी कंपनी खड़ी की और बॉलीवुड में एक जाना-माना नाम बन गए। शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म ‘देवदास’ के सेट डिजाइन में भी उनका योगदान रहा था। मुंबई में मिली इस अपार सफलता ने उन्हें करोड़ों की संपत्ति का मालिक बना दिया।
ये भी पढ़ें- बिहार के महासंग्राम में नीतीश की आखिरी चाल, बाजी मारेंगे चिराग-सहनी; कौन पलटेगा सियासत का खेल?
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सामाजिक आंदोलन से राजनीतिक एंट्री
मुंबई में सफलता हासिल करने के बाद, मुकेश सहनी का मन अपने गृह राज्य बिहार और अपने समाज के पिछड़ेपन की ओर लौटा। उन्होंने सबसे पहले सामाजिक कार्य के माध्यम से बिहार में पहचान बनाना शुरू किया। साल 2010 में उन्होंने साहनी समाज कल्याण संस्थान की स्थापना की और 2015 में निषाद विकास संघ का गठन किया। इन संगठनों के जरिए उन्होंने निषाद (मल्लाह) समुदाय को एकजुट करना शुरू किया, जो बिहार की राजनीति में एक बड़ा वोट बैंक है। इसी दौरान वह ‘सन ऑफ मल्लाह’ के रूप में अपनी जाति के एक प्रभावशाली नेता बनकर उभरे।
राजनीतिक सफर का रोमांचक मोड़
मुकेश सहनी ने 2013 में औपचारिक रूप से बिहार की राजनीति में कदम रखा। उन्होंने पहले 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दिया, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपना खुद का राजनीतिक दल बनाने का फैसला किया। 4 नवंबर 2018 को उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) की स्थापना की, जिसका चुनाव चिन्ह ‘नाव’ है। उनकी पार्टी ने 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में NDA का हिस्सा बनकर 11 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर वह बिहार सरकार में पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री बने।
किंगमेकर की भूमिका में सहनी
VIP के संस्थापक के रूप में मुकेश सहनी की राजनीतिक वफादारी बदलती रही है। वह NDA और महागठबंधन (UPA/INDIA) दोनों का हिस्सा रह चुके हैं। उनकी पार्टी के पास भले ही वर्तमान में विधायकों की संख्या कम हो, लेकिन निषाद समुदाय पर उनकी मजबूत पकड़ के कारण उन्हें बिहार की गठबंधन राजनीति में एक ‘किंगमेकर’ के रूप में देखा जाता है। उनकी पार्टी ने 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के तहत 60 सीटों पर चुनाव लड़ने और उपमुख्यमंत्री बनने का दावा किया है, जिससे उनका सियासी सफर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
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