महाराष्ट्र चुनाव 2024 : इस क्षेत्र के मतदाताओं ने राजनीतिक पार्टियों से की मांग, वायरल हुआ जनता के डिमांड वाला घोषणापत्र

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में पार्टियों ने घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर मतदाताओं का घोषणा पत्र भी जारी हो रहा है जो कि तेजी से वायरल हो रहा है।
वायनाड उपचुनाव
वायनाड उपचुनाव (प्रतिकात्मक तस्वीर)
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पुणे: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीति जोरों पर चल रही है। सभी राजनीतिक पार्टियों की ओर से घोषणापत्र जारी किए जा रहे हैं। सत्ताधारी महागठबंधन की ओर से अब तक किए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया जा रहा है। साथ ही ये भी जानकारी दी जा रही है कि दोबारा सत्ता आने पर कौन-कौन से विकास कार्य कराए जाएंगे।

बीजेपी, अजित पवार गुट, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट का घोषणापत्र भी जारी हो गया है। इन घोषणापत्रों से ढेर सारे आश्वासनों की बौछार की जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक खास घोषणापत्र वायरल हो रहा है। ये घोषणापत्र खड़कवासला विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं द्वारा लाया गया है। इसके जरिए मतदाताओं और आम लोगों की सरकार से अपेक्षाओं को बताया जा रहा है।

ये हैं वोटर्स की मांगें..

इस वायरल घोषणापत्र में आम जनता को होने वाली समस्याएं बताई गई हैं। मतदाताओं ने इस पत्र के जरिए सरकार से अपनी अपेक्षाएं और मांगें साझा की हैं। इस लिस्ट में वोटरों ने लिखा है कि...

1. खडकवासला चौपाटी विकास: खडकवासला चौपाटी पर प्रतिदिन हजारों पर्यटक आते हैं। यहां फूड ठेले, पार्किंग, चौपाटी पर बहुत काम करना होगा। जिसके लिए जन प्रतिनिधियों के सहयोग की जरूरत है।

2. CWPRS अतिरिक्त बंजर भूमि क्षेत्र: CWPRS केंद्रीय संगठन के पास बड़ी मात्रा में बंजर भूमि है। लेकिन फिर भी नागरिकों को सही जमीन, बगीचा मुहैया नहीं कराया जाता है। CWPRS के कब्जे में अतिरिक्त भूमि से संबंधित प्रस्ताव को केंद्रीय स्तर पर जन प्रतिनिधियों द्वारा मंजूर किया जाना आवश्यक है। जन प्रतिनिधियों को इस बारे में जरूर सोचना चाहिए।

3. रिंग रोड: पुणे में प्रस्तावित रिंग रोड का काम जल्द से जल्द पूरा करना बेहद जरूरी है। जिसके लिए हमारे जन प्रतिनिधियों को इस ओर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने की जरूरत है।

4. वेल्हे कोंकण मार्ग: वेल्हे रायगढ़ कोंकण मार्ग का काम तेजी से पूरा किया जाना चाहिए। इससे पर्यटक पुणे से कोंकण जल्दी पहुंच सकेंगे। साथ ही सड़क पर ट्रैफिक भी कम होगा।

5. PMRDA योजना को लागू करना: PMRDA योजना 2021 में पेश की गई थी और इस पर सुनवाई पूरी हुए तीन साल से अधिक समय हो गया है। लेकिन ये अभी भी पूरा नहीं हुआ है। जन प्रतिनिधि के रूप में, हमें इस बात से अवगत होना चाहिए कि PMRDA प्रशासन, नगरपालिका प्रशासन की उदासीनता और राजनीतिक भाई-भतीजावाद के कारण हमारे विकास में देरी हो रही है।

6. व्यापार करने में आसानी: जीएसटी व्यापारियों के गले की कांटा बन गया है। जीएसटी में बड़े सुधारों की जरूरत है।

7. खेड़ शिवपुर टोल प्लाजा: पुणे बेंगलुरु राजमार्ग पर खेड़ शिवपुर के टोल प्लाजा को स्थानांतरित किया जाना चाहिए। केतकावले, नारायणपुर, बाणेश्वर में पर्यटकों को आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। हमारा आपसे अनुरोध है कि जन प्रतिनिधि के रूप में आप इसके लिए प्रयास करें।

8. CGHS अस्पताल केंद्र: खडकवासला क्षेत्र में IAT, NDA, CWPRS जैसे विभिन्न सरकारी संस्थान हैं। इसलिए इस क्षेत्र में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की संख्या भी अधिक है। आपसे अनुरोध है कि आप उचित अनुवर्ती कार्रवाई के साथ यहां CGHS अस्पताल केंद्र की योजना बनाएं।

9. जन प्रतिनिधियों की उपलब्धता: जन प्रतिनिधियों को समय-समय पर नागरिकों की समस्याओं को जानने की आवश्यकता होती है। जिसके लिए नागरिकों से मिलना आवश्यक होता है। लेकिन वर्तमान में जन प्रतिनिधि केवल उद्घाटन, जन्मदिन और शादियों में ही अधिक समय बर्बाद कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस समय को बचाएं और नागरिकों से सीधे मिलने की योजना बनाएं।

10. कार्यकर्ताओं की भीड़: किसी को भी राजनीतिक क्षेत्र में टिके रहने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ जरूरी है। लेकिन नागरिकों से मिलते समय इस भीड़ को दूर रखा जा सके तो बेहतर है।

11. जन प्रतिनिधि विहीन नगर पालिका: नगर पालिकाओं ने 2022 में नए गांवों को शामिल किया था। साथ ही नगर पालिका का 5 साल का कार्यकाल खत्म हुए 2 साल बीत चुके हैं। यह अत्यंत खेदजनक है कि पिछले 2 वर्षों से स्थानीय स्तर पर कोई प्रतिनिधि नहीं है।

12. सरकारी कामकाज में टालमटोल: सरकारी कामकाज में टालमटोल तो जगजाहिर है। इस संबंध में हमारी भूमिका क्या है और सरकारी कार्यालय के काम में देरी के लिए हमारे पास क्या उपाय हैं? इस पर विचार करने की जरुरत है।

इन सब मुद्दो को घोषणापत्र में शामिल किया गया है। मतदाताओं ने इसमें आगे लिखा है कि जनता के प्रतिनिधि के रूप में आपसे अपेक्षा की जाती है कि जन्मदिन, विवाह समारोह, उदघाटन, मैयत, दसवीं, तेरहवीं इनमें अपनी उपस्थिति से ज्यादा एक जन प्रतिनिधी के रुप में अपने कार्य गतिविधियों में उपस्थित रहें।

मतदाताओं के घोषणा पत्र में लिखा है कि बतौर मतदाता हम आपसे यही अपेक्षा करते हैं अपना बहुमूल्य समय उचित कार्य में लगाएं। हमें यू ही चमकता हुआ जन प्रतिनिधि नहीं चाहिए बल्कि हमें मतदाताओं की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने वाला चमकता हुआ जन प्रतिनिधि चाहिए। मतदाताओं ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को बड़े ही सरल तरीके से सामने रखा है। अब देखना ये है की इस पर राजनीतिक पार्टियां कैसे रिएक्ट करती है।

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