
देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-एक्स)
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल हो चुके है, और सभी उम्मीदवारों ने नामांकन भर दिया है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रचार का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। इस बीच देवेंद्र फडणवीस भाजपा के बागी नेताओं को मनाने में लगे हुए है।
इस सिलसिले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को गोपाल शेट्टी से मुलाकात की। आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर मुंबई की बोरिवली विधानसभा सीट न मिलने पर गोपाल शेट्टी भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर चुके थे।
इस कारण देवेंद्र फडणवीस ने गोपाल शेट्टी से मुलाकात की और उन्हें चुनावी मैदान से हटने के लिए मनाया। गोपाल शेट्टी सीट न मिलने से भाजपा से बगावत कर आगामी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे है।
मी भाजपा कधीच सोडणार नाही. पक्षाचे नुकसान होईल असे काही करणार नाही, अशी ग्वाही गोपालजी शेट्टी यांनी देवेंद्रजी फडणवीस आणि शिवप्रकाशजी यांच्या भेटीनंतर दिली आहे.@Dev_Fadnavis @shivprakashbjp@iGopalShetty @ShelarAshish pic.twitter.com/8EwQZVM5od — Vinod Tawde (@TawdeVinod) November 2, 2024
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज किया और बोरिवली विधानसभा सीट से संजय उपाध्याय को टिकट दे दिया। इस बात से गोपाल शेट्टी नाराज हुए और पार्टी से बगावत करने का फैसला किया।
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इस बात की जानकारी खुद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि गोपाल शेट्टी ने देवेंद्र फडणवीस को ये भरोसा दिलाया है कि वे ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे पार्टी को नुकसान हो। विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी साझा की।
चुनाव से नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 4 नवंबर यानी कल है। लेकिन, अब तक ये बाद साफ नहीं हुई है कि गोपाल शेट्टी चुनाव से नामांकन वापस लेंगे या नहीं। गोपाल शेट्टी ने जब नामांकन दाखिल किया था, तब उन्होंने कहा था कि ये टिकट वो अपने स्थानीय कार्यकर्ताओं की चिंता के तहत भर रहे है, जिन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया है।
आपको बताते चले कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अब तक करीब 50 नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टियों से बगावत की है और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इस कारण महायुति और महाविकास आघाड़ी की चिंता बढ़ गई है। इस कारण अब नेता अपने बागी नेताओं को मनाने की कवायद में जुटे हुए है।
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