

मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए जाने की मियाद खत्म होने तक किसी भी सियासी गठबंधन ने उसमें शामिल राजनीतिक दलों के बीच हुए सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला घोषित नहीं किया। हालांकि उम्मीदवारों की जारी की गई सूची के आधार पर यह पता चला है कि सत्तारूढ़ महायुति में बीजेपी को 148, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 85 तथा उप मुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी को 51 सीटें मिली हैं।
2019 के सीट बंटवारे से इसकी तुलना किए जाने पर ऊपरी तौर पर बीजेपी 16 सीटों के नुकसान का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि बीजेपी ने बैक डोर से अपने लगभग 16 और उम्मीदवारों को चुनावी महासमर में उतारा है। जिसकी वजह से 2024 विधनासभा चुनाव में उसके उम्मीदवारों की संख्या लगभग 164 हो गई है। जो कि 2019 विधानसभा चुनाव के उसके उम्मीदवारों की संख्या के बराबर है।
बीजेपी और शिवसेना ने महायुति में 164+124 के फॉर्मूले के तहत 2019 विधानसभा चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में बीजेपी के 105 तो वहीं शिवसेना के 55 उम्मीदवार विजयी हुए थे। लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अब दो हिस्सों में बंट चुकी है।
फिलहाल सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना और डीसीएम अजित पवार की एनसीपी के साथ महायुति बनाकर बीजेपी चुनाव लड़ रही है। विरोधी दावा कर रहे हैं कि शिवसेना व एनसीपी को तोड़ने का खामियाजा बीजेपी को भी भुगतना पड़ा है। 2019 की तुलना में उसके उम्मीदवारों की संख्या घटकर 148 हो गई है।
हालांकि 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान एक नया ट्रेंड देखने को मिला है। बीजेपी ने सहयोगी दलों को सीट देकर सम्मान भी रखा और सहयोगी दलों की उन सीटों पर अपने इच्छुकों को उम्मीदवारी दिला कर एक बार फिर से अपने उम्मीदवारों की संख्या 164 तक पहुंचा ली है। अपने सहयोगी दलों की लगभग 16 सीटों पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
कुछ ऐसी ही कहानी लोहा कंधार, नवापुर, संगमनेर, नेवासा, करमाला, इस्लामपुर, फलटण-कोरेगांव, तासगांव कवठे महांकाल, कुडाल मालवण, पालघर, बोईसर, अंधेरी-पूर्व, कलीना, भिवंडी-पूर्व और मुंबादेवी विधानसभा सीट की भी है।