Pune: फेफड़े में फंसी मणि और मूंगफली, ससून अस्पताल ने बचाई दो नवजातों की जान

Maharashtra News: पुणे के ससून अस्पताल में दो नवजातों की जटिल सर्जरी सफल रही, जिन्हें निजी अस्पतालों ने रेफर कर दिया था। इसने सरकारी अस्पतालों की क्षमता साबित कर दी।
Sassoon General Hospital
ससून जनरल अस्पताल (फाइल फोटो)
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Pune News In Hindi: लोगों में यह आम धारणा बन चुकी है कि बेहतर और आधुनिक इलाज केवल निजी अस्पतालों में ही संभव है, लेकिन पुणे के बी जे मेडिकल कॉलेज एवं ससून जनरल अस्पताल ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है।

हाल ही में ससून अस्पताल में दो नवजात शिशुओं पर की गई अत्यंत जटिल शल्यक्रियाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि सरकारी अस्पताल भी उच्चस्तरीय तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और समर्पित सेवाओं के दम पर किसी भी निजी अस्पताल से कम नहीं हैं।

दरअसल, शहर के नामी-गिरामी निजी अस्पतालों में जब तकनीकी सीमाओं के कारण इन नवजात मरीजों का इलाज संभव नहीं हो सका, तब वहां के डॉक्टरों ने बच्चों को ससून अस्पताल रेफर किया। इसके बाद ससून के डॉक्टर, इन मासूमों के लिए किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुए।

बच्चों के फेफड़े में मिला मणि और मूंगफली का टुकड़ा

पहला मामला पिछले वर्ष 23 दिसबर का है। दौड निवासी 10 माह के एक शिशु को अचानक सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान सीटी स्कैन में पता चला कि बच्चे के बाए फेफड़े में मणि जैसी कोई वस्तु फंसी हुई है।

बच्चे की बेहद कम उम्र और अत्याधुनिक तकनीक के अभाव में निजी अस्पताल ने उसे ससून अस्पताल रेफर कर दिया। इसी तरह दूसरा मामला 29 दिसंबर को सामने आया। लोणी निवासी 9 माह की एक बच्ची को पिछले आठ दिनों से लगातार खांसी हो रही थी। उसे एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन स्पष्ट निदान नहीं हो सका। बाद में बच्ची को ससून अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया और बाल रोग विभाग में भर्ती किया गया। यहां किए गए सीटी स्कैन में बच्ची के बाएं फेफड़े में मूंगफली का एक छोटा टुकड़ा फंसा हुआ पाया गया।

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