CM रेखा गुप्ता का अनोखा ज्ञान...AQI अब टेंपरेचर बन गया! केजरीवाल ने पूछा- ये नया विज्ञान कब आया?

Delhi Politics: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर एक टिप्पणी को लेकर किरकिरी हो रही है। अब AAP प्रमुख केजरीवाल ने भी निशाना साधा है।
CM Rekha Gupta Arvind Kejriwal
CM रेखा गुप्ता का अनोखा ज्ञान...AQI अब टेंपरेचर बन गया! केजरीवाल ने पूछा- ये नया विज्ञान कब आया?
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Delhi Pollution: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर दिए गए बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में गुप्ता ने कहा कि AQI दरअसल एक "टेंपरेचर" की तरह है, जिसे किसी भी इंस्ट्रूमेंट से मापा जा सकता है। इस बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर अपनी असहमति जताई। केजरीवाल ने X प्लेटफॉर्म पर दिल्ली CM का इंटरव्यू साझा करते हुए लिखा, "ये नया विज्ञान कब आया कि AQI अब टेंपरेचर बन गया?"

दिल्ली CM का जवाब: पानी छिड़काव ही एकमात्र उपाय

इस इंटरव्यू में जब एक पत्रकार ने रेखा गुप्ता से सवाल किया कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के आंकड़े को छिपाने के लिए AQI मॉनिटर्स के पास पानी का छिड़काव कर रही है, तो दिल्ली CM ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, "जो लोग ये आरोप लगा रहे हैं, वही तो इन मॉनिटर टावर्स को लगाने वाले हैं। हॉटस्पॉट का मतलब क्या है? हॉटस्पॉट वह इलाका होता है, जहां प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है। तो, समाधान क्या है? आप वहां पानी स्प्रे कर सकते हैं, ताकि धूल और मिट्टी नीचे बैठ सके।" रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि AQI को किसी भी उपकरण से मापा जा सकता है और यह किसी प्रकार के 'टेम्परेचर' जैसा है। उनका मानना था कि पानी छिड़काव एकमात्र प्रभावी उपाय है और इस प्रक्रिया के जरिए ही प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ उन क्षेत्रों में ही पानी छिड़का जाता है, जहां प्रदूषण अधिक होता है।

केजरीवाल ने पूछा- "ये नया विज्ञान कब आया?"

इस विवादास्पद बयान पर केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि AQI को अचानक टेंपरेचर जैसा क्यों मान लिया गया। उन्होंने इसे 'नया विज्ञान' बताया और पूछा कि क्या AQI के आंकड़ों को अब टेम्परेचर की तरह समझा जाएगा?

यह टिप्पणी उन आरोपों को लेकर थी कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के वास्तविक आंकड़ों को छिपाने के लिए मॉनिटरिंग टावरों के पास पानी छिड़काव कर रही है ताकि AQI के स्तर को कम किया जा सके। इस बयान के बाद दिल्ली सरकार और विपक्ष के बीच प्रदूषण को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

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