प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
रायपुर: जादू-टोना और अंधविश्वास शुरुआत से ही लोगों की जान का दुश्मन बना हुआ है। इसके बावजूद भी आम-आदमी इसमें फंसकर बर्बाद हो रहा है। अंधविश्वास कितना घातक हो सकता है इसकी एक और बानगी गुरुवार को छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में देखने को मिली। यहां कुछ ऐसा घटित हुआ है जिसे सुनकर आप भी यकीन नहीं कर पाएंगे।
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में बृहस्पतिवार को कथित तौर पर जादू-टोना के शक में 11 माह के शिशु समेत एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के तीन संदिग्धों– एक व्यक्ति और उसके दो बेटों को हिरासत में लिया है तथा वह उनसे पूछताछ कर रही है।
यह भी पढे़ें:- पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की हद पार, नाबालिग हिंदू लड़की को बनाया मुसलमान, अधेड़ से करा दिया निकाह
उन्होंने बताया कि यह घटना कसडोल थाना क्षेत्र के छरछेड़ गांव में शाम करीब छह बजे हुई तथा मारे गए लोगों की पहचान चैतराम कैवर्त्य (47), उनकी बहनें-जमुना (28) और यशोदा (30) तथा जमुना के 11 माह के बेटे यश के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में रामनाथ पटले और उनके दो बेटों को हिरासत में लिया है एवं उनसे पूछताछ जारी है।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि कुछ समय से पटले की बेटी बीमार थी और उसके परिवार के सदस्यों को संदेह था कि उसकी बीमारी चैतराम की मां द्वारा किए गए जादू-टोना का नतीजा है। अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिली है कि आरोपी आज चैतराम के घर में घुसे और उन्होंने उन पर धारदार हथियार एवं हथौड़े से हमला कर दिया, जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह भी पढे़ें:- कोलकाता रेप एंड मर्डर केस: डॉक्टर्स की हड़ताल का नहीं निकला समाधान, आया ममता बनर्जी का ‘इस्तीफे’ वाला बयान
उन्होंने बताया कि हमले के दौरान चैतराम की मां घर पर नहीं थी तथा अपने दूसरे बेटे के साथ कहीं गई हुई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा जांच कर रही है। वहीं, पुलिस इस केस में और एंगल्स को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है।