

कराची: पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सिंध प्रांत से सामने आया है, जहां एक नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा करके जबरदस्ती एक उम्रदराज आदमी से उसका निकाह करवा दिया गया। इतना ही नहीं इस दौरान उस लड़की का जबरिया धर्म परिवर्तन कर उसे मुसलमान भी बना दिया गया।
यह मामला तब सामने आया जब एक दिन पहले ही हैदराबाद से अगवा की गई एक अन्य नाबालिग हिंदू लड़की को एक साल की लंबी मशक्कत के बाद बुधवार को अदालत के आदेश पर उसके परिवार को वापस सौंप दिया गया। पाकिस्तान दारावर इत्तेहाद संगठन के प्रमुख शिवा फकीर काची ने कहा कि 16 वर्षीय लड़की को बुधवार को उसके गांव हुंगुरू से अगवा कर लिया गया और उसकी शादी जबरन एक अधिक उम्र के व्यक्ति से करा दी गई जिसने उसका धर्म जबरदस्ती इस्लाम में परिवर्तित करा दिया।
काची ने कहा कि लड़की को समुरा इलाके के पास एक मदरसे में ले जाया गया और उसकी शादी कर दी गई। जब माता-पिता बृहस्प्तिवार को उसे देखने के लिए मदरसे में गए, तो मौलवी ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह अब हिंदू परिवारों के लिए एक नियमित घटना बन गई है कि उनकी युवा बेटियों और बहनों को इन जगहों पर जबरन ले जाया जाता है और उनका धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम पुरुषों से शादी करा दी जाती है।''
हैदराबाद की एक सत्र अदालत ने बुधवार को एक लड़की को उसके परिवार के साथ फिर से मिलाने का आदेश दिया, जिसका पिछले साल हैदराबाद से अपहरण करने के बाद धर्म परिवर्तन कराया गया था और फिर एक मुस्लिम व्यक्ति से उसकी शादी कर दी गई थी।
काची ने कहा कि पाकिस्तान में अधिकांश हिंदू परिवार गरीब हैं, इसलिए उनकी महिलाएं आसान लक्ष्य होती हैं और जब उनका अपहरण किया जाता है, तो सरकारी व्यवस्था से समर्थन की कमी के कारण उनके परिवारों को उनकी वापसी सुनिश्चित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाला उनका संगठन अपहृत किशोरी को बरामद करने के लिए कानूनी सहारा लेगा।