(शेयर मार्केट, कॉन्सेप्ट फोटो)
Union Budget 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का 15वां बजट निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव भरा रहा। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में वायदा एवं विकल्प (F&O) सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाने के प्रस्ताव ने बाजार की धारणा को हिला दिया। आंकड़ों के अनुसार, मोदी सरकार के अब तक के सफर में यह 8वीं बार है जब बजट के दिन बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुआ।
रविवार को बजट भाषण के दौरान जैसे ही करों में वृद्धि की घोषणा हुई, प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2 प्रतिशत तक गिर गए। एक समय 2,370 अंक गिरकर 80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया था। हालांकि, अंत में यह 1,546.84 अंक (1.88%) की गिरावट के साथ 80,722.94 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 748 अंक तक लुढ़का और अंततः 495.20 अंक (1.96%) की कमजोरी के साथ 24,825.45 पर बंद हुआ।
वर्ष 2014 से अब तक (2 अंतरिम बजट सहित) कुल 15 बजटों के दौरान सेंसेक्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है:
उल्लेखनीय है कि 2017 से सरकार ने बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी कर दी थी (इस साल रविवार होने के कारण समय में बदलाव हुआ), ताकि पूरी प्रक्रिया मार्च तक संपन्न हो सके। 2025 में सेंसेक्स ने मामूली बढ़त दर्ज की थी, लेकिन 2026 के प्रस्तावों ने निवेशकों को मुनाफ़ावसूली के लिए मजबूर कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के दिन होने वाली यह गिरावट अक्सर तात्कालिक कर घोषणाओं (जैसे STT) की प्रतिक्रिया होती है, जबकि दीर्घकालिक निवेशक बुनियादी ढांचे पर सरकार के भारी खर्च (Capex) को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: युवाओं को नौकरी…सेना कोआधुनिक शस्त्र’; नितिन नवीन ने बजट को बताया विकसित भारत का ब्लूप्रिंट
आज 1 फरवरी, 2026 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। पहली बार रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां बजट 2026 पेश किया। संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन उससे पहले ही हलचल तेज हो गई थी। आज का बजट इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि NSE, BSE और MCX जैसे शेयर बाजार संडे को भी खुले। हालांकि, निवेशकों को बाजार में गिरावट से बड़ा झटका लगा।