बजट 2026 पर अमित शाह का बड़ा बयान, ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश बदलेगा भारत की तस्वीर
Amit Shah on Budget: अमित शाह ने बजट 2026 को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम बताया और बुनियादी ढांचे, एमएसएमई व ग्रामीण विकास के लिए किए गए ऐतिहासिक प्रावधानों की प्रशंसा की।
- Written By: अमन उपाध्याय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (सो. सोशल मीडिया)
Amit Shah on Budget 2026 News In Hindi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने वाला और भारत को वैश्विक मंच पर सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने वाला बजट करार दिया। शाह ने कहा कि यह बजट विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और एआई जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भारत की स्थिति को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
2047 के लिए भविष्यवादी रोडमैप
अमित शाह ने ‘एक्स’ पर अपने विस्तृत पोस्ट में कहा कि यह बजट केवल एक वर्ष का लेखा-जोखा नहीं है बल्कि अगले 25 वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप पेश करता है। उन्होंने राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने की प्रतिबद्धता के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। शाह के अनुसार, राजकोषीय विवेक के साथ विकास को संतुलित करना सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है जो भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगी।
बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर
गृह मंत्री ने बजट में पूंजीगत व्यय (Capex) के लिए आवंटित 12.2 लाख करोड़ रुपये को ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’ का इंजन बताया। उन्होंने कहा कि नए रेल गलियारों, राष्ट्रीय जलमार्गों और बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से ‘टियर-2’ और ‘टियर-3’ शहरों का विकास होगा। इससे न केवल प्रमुख महानगरों पर दबाव कम होगा बल्कि छोटे शहरों में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे जो भारत की युवा आकांक्षाओं को नई उड़ान देंगे।
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एमएसएमई: विकास गाथा का मुख्य आधार
अमित शाह ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि बजट में इनके लिए घोषित 10,000 करोड़ रुपये का विकास कोष ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह कोष टियर-2 और टियर-3 शहरों में छोटे उद्योगों को पेशेवर सहायता और संसाधन प्रदान करेगा जिससे जमीनी स्तर पर अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह त्रिपक्षीय ढांचा स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ‘ग्राम स्वराज’ का सपना
बजट में महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को प्राथमिकता दी गई है। शाह ने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए बुनकरों, किसानों और हथकरघा उद्योगों को नया समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों के लिए नारियल प्रोत्साहन योजना का उल्लेख किया, जिससे लगभग तीन करोड़ किसानों को लाभ होगा। इसके साथ ही काजू के निर्यात और चंदन के संरक्षण जैसे निर्णय यह दर्शाते हैं कि सरकार कृषि को एक लाभदायक और आधुनिक व्यवसाय बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
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आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
अमित शाह ने अंत में कहा कि ‘विकसित भारत बजट’ यह साबित करता है कि आत्मनिर्भरता केवल एक नारा नहीं बल्कि सरकार का अडिग संकल्प है। यह बजट विनिर्माण से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक और तीर्थ स्थलों से लेकर खेल के मैदानों तक, हर क्षेत्र को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट विजन प्रस्तुत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक भारत हर वैश्विक क्षेत्र में नेतृत्व करने की स्थिति में होगा।
