Bihar budget 1.51 lakh crore tax (सोर्सः सोशल मीडिया)
New Delhi/Patna: केंद्रीय बजट 2026-27 के दस्तावेजों ने बिहार के लिए राहत भरी खबर साझा की है। केंद्र सरकार के विभाज्य कोष (Divisible Pool) से बिहार को मिलने वाली हिस्सेदारी में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में बिहार को केंद्रीय करों के रूप में ₹1,51,831 करोड़ प्राप्त होंगे, जो कि पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के ₹1,38,515 करोड़ की तुलना में ₹13,316 करोड़ अधिक है।
अर्थशास्त्री डॉ. सुधांशु कुमार के अनुसार, केंद्रीय करों की वसूली में हो रही निरंतर वृद्धि का सीधा लाभ राज्यों को मिल रहा है। बिहार के संदर्भ में यह बढ़ोत्तरी पिछले पांच वर्षों में काफी प्रभावशाली रही है।
भले ही करों की हिस्सेदारी बढ़ी है, लेकिन बिहार की एक पुरानी मांग अब भी अधूरी है। बजट पूर्व बैठक में बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्र से ‘सेस’ (उपकर) और ‘सरचार्ज’ (अधिभार) को भी विभाज्य कोष का हिस्सा बनाने की पुरजोर वकालत की थी। बिहार का तर्क है कि सेस और सरचार्ज की हिस्सेदारी 2011-12 के 10.4% से बढ़कर अब 13.6% हो गई है। चूंकि ये केंद्र के विशेष कोष का हिस्सा होते हैं, इसलिए राज्यों को उनके संवैधानिक हिस्से का नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि, मौजूदा बजट में भी इन्हें विभाज्य कोष के दायरे में नहीं लाया गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय करों में इस वृद्धि से बिहार सरकार को अपनी कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे (सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य) के विस्तार के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन प्राप्त होंगे। यह वृद्धि वित्त आयोग की अनुशंसाओं और केंद्र की कर वसूली में आई मजबूती का परिणाम है।