बजट 2026: अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा ₹1240 करोड़, धर्मगुरुओं की आई पहली प्रतिक्रिया
Minority Affairs Ministry Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में अल्पसंख्यक कल्याण के लिए ₹3400 करोड़ आवंटित किया गया। शिया बोर्ड और जमीयत सहित विभिन्न संगठनों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
- Written By: स्नेहा मौर्या
बजट 2026 (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Muslim Organizations Reaction On Union Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। इस बार मंत्रालय के लिए ₹3,400 करोड़ का बजट अनुमान प्रस्तुत किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमानों की तुलना में लगभग ₹1,240 करोड़ अधिक है। सरकार के इस कदम पर मुस्लिम समुदाय के विभिन्न संगठनों और धर्मगुरुओं ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।
बजट के प्रमुख आंकड़े और आवंटन
सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार:-
- कुल आवंटन: ₹3,400 करोड़ (पिछली बार के संशोधित अनुमान ₹2,160.45 करोड़ से अधिक)।
- शैक्षणिक सशक्तीकरण: छात्रों की शिक्षा के लिए ₹831.7 करोड़ का प्रावधान।
- केंद्रीय योजनाएं: विभिन्न परियोजनाओं के लिए ₹1,197.97 करोड़ का आवंटन।
संगठनों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) की उत्तर प्रदेश इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए ₹832 करोड़ के प्रावधान को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई राशि का लाभ सही योजना बनाकर समुदाय तक पहुँचाया जाना चाहिए। वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने बजट में वृद्धि पर खुशी जाहिर की, हालांकि उन्होंने यह मांग भी उठाई कि शिया समुदाय को बजट का उचित लाभ मिले, इसके लिए सरकार को एक प्रभावी तंत्र (Mechanism) बनाना चाहिए।
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शिक्षा और रोजगार पर और अधिक की उम्मीद
दूसरी ओर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बजट को आबादी के अनुपात में कम बताया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पिछले वर्षों में छात्रवृत्ति मद में जो कटौती हुई थी, उस हिसाब से इस बार की वृद्धि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के लिए और भी महत्वाकांक्षी योजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
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सत्तारूढ़ दल और मंत्रियों का रुख
यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुमार बासित अली ने इसे सरकार की ‘सकारात्मक सोच’ का परिणाम बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में वृद्धि स्वागत योग्य है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी पारदर्शिता के साथ होता है।
