बेंगलुरु, वाराणसी और सूरत बनेंगे 'शहरी आर्थिक क्षेत्र', एआई फोटो
Urban Economic Regions budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भारतीय शहरों की आर्थिक शक्ति को नई ऊर्जा देने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की घोषणा की है। सरकार ने बेंगलुरु, सूरत और वाराणसी सहित देश के सात प्रमुख केंद्रों को ‘शहरी आर्थिक क्षेत्र’ (City Economic Regions – CER) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन शहरों को वैश्विक स्तर के व्यापारिक और नवोन्मेष हब के रूप में स्थापित करना है।
बजट प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक शहरी आर्थिक क्षेत्र के लिए अगले पांच वर्षों में ₹5,000 करोड़ के आवंटन का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार, सातों क्षेत्रों के लिए कुल ₹35,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। जिन सात क्षेत्रों को इस योजना के लिए चुना गया है, वे हैं:
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आधुनिक भारत के विकास में छोटे और मझोले शहरों (टियर-2 और टियर-3) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह नई पहल विशेष रूप से उन शहरों और मंदिर नगरों (Temple Towns) पर केंद्रित होगी जिन्हें आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर नागरिक सुविधाओं की तत्काल आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य इन शहरों में ‘शहरी विकास सूचकांक’ (Urban Growth Index) के आधार पर आर्थिक मानचित्रण करना है।
इन परियोजनाओं को लागू करने के लिए सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का सहारा लेगी। वित्त पोषण के लिए एक ‘चुनौती मॉडल’ (Challenge Model) अपनाया जाएगा जो सुधार-सह-परिणाम आधारित होगा। यानी, जो शहर बेहतर शहरी सुधार और परिणाम दिखाएंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर फंड जारी किया जाएगा।
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पिछले दशक के सुधारों का जिक्र करते हुए सीतारमण ने बताया कि इनविट (InvITs), रीट (REITs), और एनएबीएफआईडी (NaBFID) जैसी संस्थाएं इन आर्थिक क्षेत्रों के लिए वित्तपोषण के नए साधन के रूप में काम करेंगी। 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।