
खुदरा महंगाई दर, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Retail Inflation in December 2025: भारत में खुदरा महंगाई दर दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 1.33 प्रतिशत रही है। इसमें नवंबर की खुदरा महंगाई दर 0.71 प्रतिशत के मुकाबले 62 आधार अंकों की बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि दिसंबर 2025 लगातार चौथा महीना है, जब महंगाई दर आरबीआई की ओर से तय किए गए महंगाई के बैंड के निचले स्तर से कम रही है। साथ ही खाद्य महंगाई दर लगातार सात महीनों से नकारात्मक जोन में बनी हुई है।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि दिसंबर 2025 में शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 2.03 प्रतिशत थी, जबकि ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 0.76 प्रतिशत थी। इसके अलावा, खाद्य महंगाई दर लगातार नकारात्मक जोन में बनी हुई है। दिसंबर 2025 में यह -2.71 प्रतिशत थी। दिसंबर 2025 में शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर- 3.08 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर- 2.09 प्रतिशत थी।
मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में हेडलाइन महंगाई दर और खाद्य महंगाई दर में तेजी की वजह पर्सनल केयर, सब्जियों, मांस एवं मछली, अंडों, मसालों और दालों की कीमत बढ़ना है। इसके अलावा आवास महंगाई दर दिसंबर 2025 में 2.86 प्रतिशत थी, जो कि नवंबर में 2.95 प्रतिशत थी। वहीं, शिक्षा महंगाई दर दिसंबर 2025 में 3.32 प्रतिशत थी, जो कि नवंबर 2025 में 3.38 प्रतिशत थी। ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन में महंगाई दर दिसंबर में 0.76 प्रतिशत रही है। नवंबर में यह 0.88 प्रतिशत थी।
इसके अलावा, ईंधन एवं बिजली में महंगाई दर दिसंबर 2025 में 1.97 प्रतिशत थी, जो कि नवंबर 2025 में 2.32 प्रतिशत थी। सरकार ने बताया कि दिसंबर में जिन पांच राज्यों में सबसे अधिक खुदरा महंगाई दर रही है, उनमें केरल 9.49 प्रतिशत, कर्नाटक 2.99 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश 2.71 प्रतिशत, तमिलनाडु 2.67 प्रतिशत और जम्मूएंडकश्मीर 2.26 प्रतिशत शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: जिसके कारण आई तबाही…उसी ने कर दी भरपाई, ट्रंप के नए कदम से शेयर बाजार में तेजी; 301 अंक चढ़ा सेंसेक्स
अक्टूबर में रिटेल महंगाई 0.25% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी। इसका कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कमी थी। ये वर्तमान CPI सीरीज में अब तक की सबसे कम महंगाई थी। यानी, ये करीब 14 साल का निचला स्तर रहा था। इससे पहले सितंबर में ये 1.44% पर थी।






