खुदरा के बाद थोक महंगाई में भी इजाफा, नवंबर में -0.32% रही WPI; खाने-पीने की चीजों के बढ़े दाम

Wholesale Price Index: इससे पहले शुक्रवार को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बताया था कि भारत में खुदरा महंगाई दर नवंबर में 0.71% रही है, जो अक्टूबर की महंगाई दर 0.25% से अधिक है।
Wholesale Inflation
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Wholesale Inflation Rate in November 2025: थोक महंगाई दर नवंबर में -0.32 प्रतिशत रही है। इसके नकारात्मक दायरे में रहने की वजह खाद्य उत्पादों, मिनरल ऑयल, क्रूड पेट्रोलियम, नेचुरल गैस, मैन्युफैक्चर ऑफ बेसिक मेटल और इलेक्ट्रिसिटी की कीमतें कम होना है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई। मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि प्राथमिक वस्तुओं में थोक महंगाई दर सालाना -2.93 प्रतिशत, ईंधन और ऊर्जा में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर -2.27 प्रतिशत रही है। इसके अलावा, नवंबर में फूड इंडेक्स की दर -2.60 प्रतिशत रही है।

सरकार की ओर से बताया गया कि नवंबर में मिनरल में थोक महंगाई दर मासिक आधार पर 4.50 प्रतिशत, खाद्य उत्पादों की कीमतों में मासिक आधार पर महंगाई दर 2.5 प्रतिशत और गैर-खाद्य पदार्थों में थोक महंगाई दर 1.28 प्रतिशत रही है। वहीं, कच्चे तेल और नेचुरल गैस में थोक महंगाई दर नवंबर में अक्टूबर 2025 में -1.62 प्रतिशत रही है।

नवंबर में कितनी रही खुदरा महंगाई दर?

इससे पहले शुक्रवार को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बताया था कि भारत में खुदरा महंगाई दर नवंबर में 0.71 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर की महंगाई दर 0.25 प्रतिशत से 46 आधार अंक अधिक है। मंत्रालय ने बताया कि नवंबर में शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 1.40 प्रतिशत रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 0.10 प्रतिशत रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में खाद्य महंगाई दर -3.91 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर -4.05 प्रतिशत है, जबकि शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर -3.60 प्रतिशत रही है।

पिछले साल के मुकाबले कितनी बढ़ी महंगाई?

नवंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अनाज की कीमत में 0.10 प्रतिशत, मांस और मछली की कीमत में 2.50 प्रतिशत, अंडों की कीमत में 3.77 प्रतिशत, दूध और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 2.45 प्रतिशत, ऑयल और फैट की कीमतों में 7.87 प्रतिशत, फलों की कीमतों में 6.87 प्रतिशत, चीनी और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 4.02 प्रतिशत और गैर अल्कोहल पेय पदार्थों की कीमतों में 2.92 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है।

भारत में कैसे तय होता है थोक महंगाई दर?

भारत में थोक महंगाई दर (Wholesale Price Index) यह बताती है कि थोक बाजार में सामानों की कीमतें कितनी बढ़ी या घटी हैं। इसे आम भाषा में समझें तो जब कंपनियां, फैक्ट्रियां या बड़े व्यापारी एक-दूसरे से माल खरीदते-बेचते हैं, उस स्तर पर कीमतों में आए बदलाव को थोक महंगाई दर कहा जाता है। भारत में थोक महंगाई दर तय करने की जिम्मेदारी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के पास होती है। यह विभाग हर महीने अलग-अलग वस्तुओं की कीमतों का डेटा इकट्ठा करता है। इसमें मुख्य रूप से तीन कैटेगरी शामिल होती हैं।

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