स्टील की कीमतों में हेराफेरी! टाटा समेत कई कंपनियों पर गिरी गाज, जेल जा सकते हैं 56 बड़े अधिकारी

Tata Steel: इस खबर के बाहर आते ही शेयर बाजार में हड़कंप मच गया। निवेशकों में डर का माहौल है कि अगर यह आरोप पूरी तरह साबित हो गए, तो कंपनियों पर भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है।
Price Manipulation in Steel Sector
स्टील, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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Steel Price Manipulation: देश में स्टील की कीमतें बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं, बल्कि कथित तौर पर कुछ बड़ी कंपनियों की आपसी ‘सेटिंग’ से बढ़ाई जा रही थीं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की एक बड़ी जांच में देश की दिग्गज स्टील कंपनियों टाटा स्टील, JSW स्टील और सरकारी कंपनी SAIL को दोषी पाया गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि इन कंपनियों ने आपस में साठगांठ कर स्टील की कीमतें प्रभावित किए।

ये मामला केवल कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, CCI ने अपनी जांच में पाया है कि साल 2015 से 2023 के बीच अलग-अलग समय पर कीमतों को लेकर मिलीभगत की गई. इस जांच के घेरे में 56 वरिष्ठ अधिकारी आए हैं, जिन्हें इस अनैतिक व्यापार के लिए जिम्मेदार माना गया है।

स्टील उद्योग के बड़े चेहरे शामिल

हैरानी की बात यह है कि इन नामों में स्टील इंडस्ट्री के सबसे बड़े चेहरे शामिल हैं। JSW स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर सज्जन जिंदल, टाटा स्टील के सीईओ टी. वी. नरेंद्रन और सरकारी कंपनी SAIL के चार पूर्व चेयरपर्सन का नाम भी इस लिस्ट में है। 6 अक्टूबर को जारी किए गए CCI के ऑर्डर में, जिसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है इन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। इस पूरे मामले पर JSW ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, जबकि टाटा और सेल की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है।

एक शिकायत से शुरू हुई जांच

इस पूरे मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं, जब तमिलनाडु के एक बिल्डर्स एसोसिएशन ने परेशान होकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनका आरोप था कंपनियां जानबूझकर सप्लाई रोक रही हैं ताकि बाजार में कमी पैदा हो और कीमतें बढ़ाई जा सकें। इसके बाद CCI ने जांच शुरू की, जो अब भारत के स्टील सेक्टर की सबसे बड़ी जांच बन गई है। शुरुआत में कुछ कंपनियों पर छापे भी मारे गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच अधिकारियों के हाथ कुछ ऐसे सबूत लगे हैं जो कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। जुलाई 2025 के एक आंतरिक दस्तावेज का हवाला देते हुए बताया गया है कि अधिकारियों को ‘रीजनल इंडस्ट्री ग्रुप्स’ के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट मिली हैं। इन चैट्स से साफ संकेत मिलते हैं कि किस तरह उत्पादन को सीमित करने और कीमतें तय करने को लेकर चर्चाएं होती थीं। कुल मिलाकर 31 कंपनियां और कई इंडस्ट्री बॉडीज अब जांच के दायरे में हैं।

शेयर बाजार में भूचाल

इस खबर के बाहर आते ही शेयर बाजार में हड़कंप मच गया। निवेशकों में डर का माहौल है कि अगर यह आरोप पूरी तरह साबित हो गए, तो कंपनियों पर भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है। खबर आते ही JSW स्टील, टाटा स्टील और SAIL के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिससे निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लाल निशान में आ गया।

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