
US-इंडिया ट्रेड डील से 2026 बनेगा निवेशकों का साल, ITI म्यूचुअल फंड के CEO जे.पी. सिंह की भविष्यवाणी
Mumbai News: एक साल के लंबे कंसोलिडेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) अब आर्कषक वैल्यूएशन के साथ नई उड़ान भरने के लिए तैयार है और यूएस-इंडिया ट्रेड डील बड़ा ट्रिगर होगी. यदि डील होती है तो वर्ष 2026 निवेशकों के लिए अच्छे रिटर्न का साल साबित हो सकता है. यह बात आईटीआई म्यूचुअल फंड के सीईओ जतिन्दर पाल सिंह ने ‘नवभारत’ से विशेष बातचीत में कही.
आईटीआई ग्रुप द्वारा प्रमोट आईटीआई म्यूचुअल फंड (ITI Mutual Fund) देश का एक उभरता फंड हाउस है. 6 साल की अवधि में ही 4.46 लाख निवेशक खातों के साथ इसका प्रबंधन कोष (AUM) 11,000 करोड़ रुपये के पार हो गया है. पूंजी बाजार के दिग्गज जेपी सिंह के नेतृत्व में फंड हाउस 20-25 प्रतिशत की तेज वार्षिक ग्रोथ दर्ज कर रहा है. पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंशः-
प्रश्न- पिछले एक साल से भारतीय शेयर बाजार एक सीमित रेंज में है और रिटर्न नहीं के बराबर है. म्यूचुअल फंड स्कीमों में एसआईपी के द्वारा निवेश कर रहे रिटेल निवेशकों का धैर्य भी टूटने लगा है. ऐसे में आगे बाजार का क्या आउटलुक लग रहा है?
उत्तर- निवेशकों को धैर्य रखने की जरूरत है क्योंकि पहले भी ऐसा हुआ है, जब किसी साल कोई रिटर्न नहीं मिला, लेकिन उसके अगले साल बाजार ने बहुत अच्छा रिटर्न दिया. अब इकोनॉमी के फंडामेंटल बहुत मजबूत हैं. इसलिए आगे आउटलुक बहुत अच्छा लग रहा है. पिछला साल चुनावी वर्ष था और शॉर्ट टर्म में वैल्यूएशन महंगी लग रही थी. परंतु पिछले एक साल में बाजार में लंबा कंसोलिडेशन हुआ है और कॉर्पोरेट अर्निंग बढ़ने से वैल्यूएशन आकर्षक हो गयी है. इसलिए एसआईपी निवेशकों के लिए तो यह निवेश का बहुत अच्छा अवसर है. निचले स्तरों पर निवेश करने पर उनकी लागत कम हो रही है. यह बात निवेशक समझ रहे हैं. इसलिए मासिक SIP निवेश 29,000 करोड़ रुपये के पार हो गया है. देश में 21 करोड़ डीमैट खाते हो गए हैं और 5.75 करोड़ यूनिक म्यूचुअल फंड निवेशक खाते खुल गए हैं.
प्रश्न- वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था के अधिकांश फैक्टर पॉजिटिव और काफी मजबूत है, सरकार भी खूब टैक्स राहत दे रही है. फिर भी बाजार नहीं चल रहा है. क्या आपको नहीं लगता है कि बड़ी संख्या में आ रहे महंगे IPO बाजार की लिक्विडिटी को कम कर रहे हैं?
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उत्तर- ऊंचे वैल्यूएशन पर आ रहे आईपीओ बाजार पर कुछ असर अवश्य डाल रहे हैं, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं है. इनमें निवेशकों को सोच-समझ कर ही निवेश करना चाहिए. हम तो वैल्यू देख कर ही निवेश करते हैं. जहां तक बाजार के आउटलुक की बात है. इस साल 4 बड़े पॉजिटिव डेवलपमेंट हुए हैं. पहला, सरकार ने इनकम टैक्स (Income tax) में बड़ी छूट देते हुए 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री कर दी है. दूसरा, रिजर्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में कटौती की है. तीसरा, सरकार ने जीएसटी दरों (GST Rates) में उम्मीद से अधिक बड़ी कटौती कर दी है. चौथा, सरकार के प्रयासों से इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट हो रहा है. यह सोने पर सुहागा है. इस साल मानसून भी काफी जोरदार रहा है. इन सबसे जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) तेज हो रही है और निफ्टी की अर्निंग 12 से 14 प्रतिशत अपेक्षित है. केवल चिंता यूएस-इंडिया ट्रेड डील को लेकर है. अब यह डील जल्द होने के संकेत मिल रहे हैं. यदि ट्रेड डील हो जाती है तो यह बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर होगा. इसलिए हमें लगता है वर्ष 2026 का साल काफी अच्छा रिटर्न दे सकता है.
प्रश्न- ITI म्यूचुअल फंड की न्यू इक्विटी लॉन्ग शॉर्ट फंड की क्या विशेषता है?
उत्तर- हमे यह बताते हुए खुशी है कि हमने SIF कैटेगरी में नया ‘डिविनीति इक्विटी लॉन्ग शॉर्ट फंड’ (Diviniti Equity Long Short Fund) लॉन्च किया है और आईटीआई देश के चुनिंदा फंड हाउस में से एक है, जिसे सेबी से इस विशिष्ट योजना की मंजूरी मिली है. इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड अमेरिका और अन्य विकसित देशों में काफी लोकप्रिय है. यह तेजी-मंदी, दोनों स्थिति में बाजार से बेहतर प्रदर्शन करती है, लेकिन भारतीय बाजार में एक बिलकुल नई यूनिक स्कीम है. आईटीआई ग्रुप को इसमें विशेषज्ञता हासिल है. यह पीएमएस जैसी स्कीम है, लेकिन इसमें टैक्स भार कम है. इसमें 25 प्रतिशत तक शॉर्ट कर पोर्टफोलियो को हेज यानी रिस्क कम करने की सुविधा मिलती है. इसमें न्यूनतम निवेश राशि 10 लाख रुपये है और बाद में 5 हजार रुपये की न्यूनतम एसआईपी भी की जा सकती है. इसका पोर्टफोलियो मुख्यतः क्वालिटी लार्ज और मिडकैप शेयरों का होगा. हमें उम्मीद है कि यह लॉन्ग-शॉर्ट फंड भारतीय निवेशकों में भी काफी लोकप्रिय होगा.
-नवभारत के लिए विष्णु भारद्वाज की रिपोर्ट






