क्या आप भी EMI चुका-चुका कर हो चुके हैं परेशान, ऐसे मिलेगा छुटकारा; जल्द खत्म हो जाएगा सारा लोन

किसी भी तरह के लोन से आजादी पाने के लिए सबसे बेहतर उपाय यही है कि समय से पहले उसका भुगतान कर दिया जाए। अगर आप अपने बचत का थोड़ा-थोड़ा कर अलग लोन का प्री-पेमेंट करते हैं तो इससे लोन पर ब्याज दर कम होती जाएगी।
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नई दिल्ली: आज के समय में देश के अधिकांश लोग लोन और इसके मासिक किस्त के चपेट में आ चुके हैं। गाड़ी खरीदनी हो या घर लेना हो, लोग बिना किसी फाइनेंशियल प्लानिंग के लोन तो ले लेते हैं, लेकिन जब हर महीने उनके कमाई का एक मोटा हिस्सा ईमाई भरने में जाता है तो वह परेशान हो जाते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी तरीके हैं, जिसके जरिए आप अपने लोन को जल्द चुका सकते हैं। इसे समय से पहले खत्म कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको न केवल ब्याज दर कम देना होगा, बल्कि आप लोन के किस्त से जल्द आजाद हो जाएंगे। आइए जानते हैं वो तरीके जिसके जरिए ऐसा किया जा सकता है।

1. EMI के अमाउंट को बढ़ाना

आपने जो भी लोन लिया है, उसके लिए आपको एक फिक्स्ड अमाउंट हर महीने किस्त के रूप में जमा करना होता है, लेकिन आप जो राशि जमा कर रहे हैं उसमें थोड़ा बढ़ोतरी कर सकते हैं। ऐसा करने से लोन का टेन्योर यानी की समय कम हो जाएगी और इस पर लगने वाला ब्याज भी अपने आप कम हो जाएगा। यानी, जितना संभव, हो, पहले की तुलना में ईएमआई की रकम को बढ़ा लें।

2. समय से पहले भुगतान

किसी भी तरह के लोन से आजादी पाने के लिए सबसे बेहतर उपाय यही है कि समय से पहले उसका भुगतान कर दिया जाए। अगर आप अपने बचत का थोड़ा-थोड़ा कर अलग लोन का प्री-पेमेंट करते हैं तो इससे लोन पर ब्याज दर कम होती जाएगी। इससे आपको ये फायदा होगा की लोन की अवधी भी कम हो जाएगा और इस पर लगने वाला ब्याज भी घट जाएगा। महंगाई में तेज गिरावट, ब्याज दरों में फिर हो सकती है कटौती; SBI रिसर्च का दावा

3. लोन को फाइनेंस कराना

लोन का रिफाइनेंस कराने का मतलब यह है कि आपने पहले से जो लोन लिया है उसको किसी दूसरे बैंक से फाइनेंस कराना। इस प्रोसेस के तहत आपका लोन किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर हो जाएगा। हालांकि, इससे आपको तब लाभ होगा जब आपके मौजूद बैंक की तुलना में कोई दूसरा बैंक कम ब्याज दर पर आपको लोन दे रहा हो। इस हालात में आप लोन का ट्रांसफर दूसरे बैंक में करा सकते हैं। हालांकि, आपको ऐसा करते वक्त बाकी चार्च के साथ प्रोसेसिंग शुल्क भी उस बैंक को देना पड़ेगा, लेकिन ब्याज दर कम होने से बड़ा फायदा मिल सकता है।

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