नए साल के साथ ही अपना लीजिए ये आयुर्वेदिक दिनचर्या, शरीर रहेगा मजबूत और रोग होंगे दूर

Ayurvedic Daily Routine: आयुर्वेदिक दिनचर्या और सर्कैडियन रिदम से शरीर को रखें स्वस्थ और रोगमुक्त। ब्रह्म मुहूर्त, आहार, अभ्यंग और सही नींद से लंबी उम्र और ऊर्जा पाएं।
आयुर्वेदिक की ये दिनचर्या
आयुर्वेदिक की ये दिनचर्या (सौ.सोशल मीडिया)
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Ayurveda Lifestyle Tips: हर किसी ने नए साल के साथ नए संकल्प लिए है जिसमें सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का सही तरीके से ख्याल रख पाना आसान नहीं होता है। इस वजह से हम उम्र से ज्यादा के नजर आने लगते है। शरीर भी एक लय यानी रिदम के साथ चलता है, अगर ये लय सही है तो शरीर में किसी भी बीमारी नहीं हो सकती है लेकिन लय में किसी बीमारी के आने के संकेत मिले तो यह सेहत के लिए सही नहीं होता है।

वैज्ञानिक भाषा में इसे 'सर्कैडियन रिदम' कहा जाता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे आयुर्वेदिक दिनचर्या कहा जाता है, जिससे शरीर को मजबूत और रोगमुक्त बनाया जा सकता है। आज हम आपको आयुर्वेद की इसी दिनचर्या के बारे में बताएंगे।

जानिए इस आयुर्वेदिक दिनचर्या के बारे में

आप शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक दिनचर्या का फार्मूला अपना सकते है। जो इस प्रकार है...

1- शरीर के लिए अपनाएं अभ्यंग स्नान

आप अपनी आयुर्वेदिक दिनचर्या में पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठें और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकलने के बाद तांबे के बर्तन में रखा पानी पीएं। इसके अलावा बालों और त्वचा के निखार के लिए कुछ तेल की बूंदे नाभि में डालें और आंखों पर अंजन करें। दिन की शुरुआत हल्के व्यायाम और सैर से करें और फिर अभ्यंग जरूर करें। शरीर के लिए अभ्यंग बहुत जरूरी होता है, जिससे शरीर में रक्त का संचार अच्छे तरीके से होता है और मांसपेशियों की थकान भी उतर जाती है।

2-आयुर्वेद में आहार का महत्व

यहां पर आयुर्वेद में आहार कैसा होगा या किस तरह से लेना चाहिए इसके बारे में बताया गया है। आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। दोपहर का भोजन 12 बजे से लेकर 1 बजे तक कर लें। इस समय जठराग्नि सबसे प्रबल होती है और खाना आसानी से पच जाता है। रात का भोजन हमेशा हल्का रखना चाहिए और सूर्यास्त के बाद खाना खाने से बचना चाहिए। खाना खाने के बाद बिस्तर पर सीधा लेटना नहीं है, बल्कि कुछ कदमों की हल्की सैर भी करनी है। सैर नहीं करना चाहते हैं तो कुछ समय के लिए वज्रासन में बैठें। ये आसन खाना पचाने में मदद करता है।

3-सोने से पहले लें दूध और त्रिफला

यहां पर सोने से पहले आपको नींद लेना जरूरी होता है।नींद पूरे शरीर के लिए जरूरी है, क्योंकि ये मरम्मत का काम करती है। रात के समय नींद को गहरा बनाने के लिए दूध के साथ त्रिफला या हल्दी ले सकते हैं। इस उपाय का सेवन करने से आपको फायदा मिलता है। इतना ही नहीं, यह तरीका नींद लाने में सहायक है और तनाव को भी कम करती है। कोशिश करें कि सोते समय बाईं करवट में रहे। बाईं करवट से सोने से शरीर का रक्त संचार सही रहता है और नींद अच्छे से आती है।

आईएएनएस के अनुसार

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