बजट 2026: आंतरिक सुरक्षा के लिए ₹2.55 लाख करोड़ का कवच; सुरक्षा बलों और खुफिया तंत्र को मिलेगी नई मजबूती
MHA Budget Allocation 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय का बजट बढ़ाकर ₹2.55 लाख करोड़ कर दिया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Intelligence Bureau capital expenditure hike (सोर्सः सोशल मीडिया)
New Delhi: केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में गृह मंत्रालय के लिए 2.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के 2.33 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान की तुलना में लगभग 9.44 प्रतिशत अधिक है।
पुलिस मद और आधुनिकीकरण पर फोकस
मंत्रालय के कुल बजट का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा, यानी 1.73 लाख करोड़ रुपये, केवल पुलिस मद के लिए निर्धारित किया गया है। इसमें सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF), आईटीबीपी (ITBP) और सीआईएसएफ (CISF) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में देखा गया है, जिसे 16,579 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 21,272.47 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह ₹4,693 करोड़ की वृद्धि सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक हथियार, तकनीक और बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश के सरकार के संकल्प को दर्शाती है।
खुफिया ब्यूरो (IB) की क्षमताओं में अभूतपूर्व वृद्धि
देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी (आईबी) के बजट में इस बार 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई है। आईबी को 2026-27 के लिए 6,782.43 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आईबी के लिए पूंजीगत व्यय में नौगुना वृद्धि की गई है, जो पिछले बजट के 257 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,549.54 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह निवेश आंतरिक खतरों, आतंकवाद और संभावित सुरक्षा जोखिमों से निपटने के लिए एजेंसी की संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए है।
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केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विशेष प्रावधान
- बजट में जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के विकास और सुरक्षा के लिए भी खजाना खोला गया है:
- जम्मू-कश्मीर: 43,290.29 करोड़ रुपये
- लद्दाख: 4,869.31 करोड़ रुपये
- दिल्ली: 1,348.0 करोड़ रुपये
- अंडमान और निकोबार: 6,680.94 करोड़ रुपये
- चंडीगढ़: 5,720.17 करोड़ रुपये
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जनगणना कार्यों को मिली गति
लंबे समय से प्रतीक्षित जनगणना के कार्यों के लिए सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इसके अलावा, सीमा विकास कार्यक्रमों और तटीय सुरक्षा को भी इस बजट में प्राथमिकता दी गई है ताकि देश की सीमाओं को अभेद्य बनाया जा सके। कुल मिलाकर, यह बजट तकनीक आधारित सुरक्षा और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने वाला एक संतुलित दस्तावेज है।
