‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप: सरकार ने पहचाने 7 रणनीतिक क्षेत्र, विनिर्माण की मजबूती के लिए बजट में भारी आवंटन
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए 7 सेक्टर चुने, सेमीकंडक्टर समेत ₹60,000 करोड़ निवेश प्रस्तावित किए।
- Written By: स्नेहा मौर्या
केंद्रीय बजट 2026 विनिर्माण क्षेत्र (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
India Semiconductor Mission 2.0 Updates: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बताया है। सरकार का साफ मानना है कि अगर भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है, तो मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस अनिवार्य है। इसी दिशा में इस बजट में उत्पादन, निवेश और रोजगार को एक साथ गति देने की रणनीति दिखाई देती है।
सात रणनीतिक सेक्टर पर सरकार का फोकस
देश की औद्योगिक पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए सरकार ने सात ‘रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों’ की पहचान की है। इनमें फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे, दुर्लभ पृथ्वी खनिज, रसायन, पूंजीगत वस्तुएं और वस्त्र उद्योग शामिल हैं। इन क्षेत्रों को वित्तीय प्रोत्साहन, नीतिगत समर्थन और दीर्घकालिक योजनाओं के जरिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
विनिर्माण बजट का केंद्र बिंदु
इस बार के बजट भाषण में ‘विनिर्माण’ शब्द का बार-बार उल्लेख यह दर्शाता है कि सरकार औद्योगिक उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती है। खास बात यह है कि यह रणनीति केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन, तकनीक, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को भी समान रूप से महत्व दिया गया है।
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सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता
तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। अब यह मिशन केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वदेशी बौद्धिक संपदा और उपकरण विकास पर भी ध्यान देगा। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना का बजट बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया गया है, जिससे भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत स्थान मिलने की उम्मीद है।
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बायोफार्मा, कंटेनर और अन्य सेक्टरों को बढ़ावा
सरकार ने बायोफार्मा और कंटेनर विनिर्माण के लिए कुल ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया है। ‘बायोफार्मा शक्ति योजना’ के तहत अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ निवेश किए जाएंगे। इसके साथ ही दुर्लभ पृथ्वी चुंबक, रसायन, खेल सामग्री और सीप्लेन जैसे क्षेत्रों के घरेलू उत्पादन को भी विशेष समर्थन मिलेगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 भारत को आयात पर निर्भरता से बाहर निकालकर एक मजबूत निर्यातक देश बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह न केवल औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के नए अवसर भी पैदा करेगा।
