डीएफएस सचिव नागराजू ने दी बैंकों को सलाह, इंश्योरेंस की गलत सेल्स पर लगाएं लगाम

डीएफएस सचिव एम नागराजू ने बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों को एक अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इंश्योरेंस एक सेंसेटिव फाइनेंशियल प्रोडक्ट है, इसीलिए कस्टमर्स को इसे बेचने से पहले सभी जानकारी दें।
डीएफएस सचिव एम नागराजू ने बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों को एक अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इंश्योरेंस एक सेंसेटिव फाइनेंशियल प्रोडक्ट है, इसीलिए कस्टमर्स को इसे बेचने के पहले अच्छी तरह से समझाना जरूरी है।
इंश्योरेंस (सौ. सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : शुक्रवार को वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने बैंकों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने बैंकों को ये सलाह दी है कि वे ये जरूर पक्का कर लें कि कस्टमर्स को इंश्योरेंस की गलत सेल्स न करें और प्रीमियम को भी किफायती रखने की बात कही है, ताकि ऐसे प्रोडक्ट्स के लिए मार्केट में पहुंच को बढ़ा सकें।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इटली के जनरली ग्रुप के बीच स्ट्रेटेजिकल पार्टनरशिप का ऐलान करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इंश्योरेंस एक सेंसेटिव फाइनेंशियल प्रोडक्ट है और ग्राहकों को इसे बेचने से पहले इसके बारे में अच्छी तरह से समझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर ग्राहक को किसी विशेष उत्पाद के बारे में समझाया जाता है, लेकिन उन्हें दूसरा उत्पाद बेचा जाता है।

इंश्योरेंस रेग्यूलेटर इरडा और वित्त मंत्रालय ने निवेशकों की सुरक्षा के तहत बैंकों और इंश्योरेैसं कंपनियों से बार-बार कहा है कि वे ग्राहकों को गलत तरीके से पॉलिसी की बिक्री करने से बचें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अक्टूबर में एक कार्यक्रम में कहा था कि बैंक बीमा मॉडल ने देश भर में बीमा पहुंच को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन उन्होंने गलत बिक्री के मामलों को लेकर चिंता भी जताई थी।

नागराजू के अनुसार, गलत बिक्री के कारण अक्सर ग्राहकों को अधिक प्रीमियम देना पड़ता है और ऐसे में पॉलिसीधारक अगले साल प्रीमियम जमा नहीं कराते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों को पॉलिसी में की गई प्रतिबद्धता का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि ऐसा नहीं करने से भरोसा टूट जाता है। बीमा कंपनियां तभी बची रहेंगी, जब लोगों का उन पर भरोसा होगा। नागराजू ने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्राहकों के दावों का उचित और समय पर निपटान हो।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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