अभी भी बरकरार टाटा ग्रुप की शान, बन गया सबसे वैल्यूऐबल ब्रांड

अहमदाबाद में हुए प्लेन हादसे के बाद से ही टाटा ग्रुप काफी चर्चा में था। हालांकि इस हादसे से कंपनी को बहुत नुकसान हुआ था, लेकिन ब्रांड फाइनेंस की रिपोर्ट ने इस अटकलों को गलत साबित कर दिया है।
अहमदाबाद में हुए प्लेन हादसे के बाद से ही टाटा ग्रुप काफी चर्चा में था। हालांकि इस हादसे से कंपनी को बहुत नुकसान हुआ था, लेकिन ब्रांड फाइनेंस की रिपोर्ट ने इस अटकलों को गलत साबित कर दिया है।
टाटा ग्रुप Vs अडानी ग्रुप (सौ. डिजाइन फोटो )
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नई दिल्ली : अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद टाटा ग्रुप काफी निराशा के दौर से गुजर रहा था। लेकिन हाल ही में आयी एक रिपोर्ट इस निराशा को आशा में तब्दील कर सकती हैं। एक फ्रेश रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप एक बार फिर से देश का मोस्ट वैल्यूऐबल ब्रांड बन चुका है, जबकि अडानी ग्रुप भारत का सबसे तेजी से दौड़ता हुआ ब्रांड बनकर उभरा है।

'ब्रांड फाइनेंस' की ओर से मोस्ट वैल्यूऐबल इंडियन ब्रांड 2025 के बारे में जारी फ्रेश रैंकिंग के अनुसार, अडानी ग्रुप अपने आक्रामक और एकीकृत बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करके वृद्धि को गति देने वाले सबसे तेजी से बढ़ते भारतीय ब्रांड के रूप में उभरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप का ब्रांड मूल्य वर्ष 2025 में बढ़कर 6.46 अरब डॉलर हो गया जो पिछले साल 3.55 अरब डॉलर था। एक साल में ब्रांड मूल्य में 2.91 अरब डॉलर की वृद्धि इस समूह की रणनीतिक स्पष्टता, लचीलापन और सतत वृद्धि को लेकर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ब्रांड मूल्य में इस वृद्धि के दम पर अडानी ग्रुप रैंकिंग में 13वें स्थान पर पहुंच गया है जबकि पिछले साल वह 16वें स्थान पर था। ब्रांड फाइनेंस ने कहा है कि अडानी ग्रुप का ब्रांड वैल्यू इस साल 82 प्रतिशत बढ़ा है और यह सबसे तेजी से बढ़ने वाले भारतीय ब्रांड के रूप में उभरा है।

इस ब्रांड रैंकिंग के अनुसार, टाटा ग्रुप का ब्रांड वैल्यू इस साल 10 प्रतिशत बढ़कर 31.6 अरब डॉलर हो गया। इसके साथ ही विविध कारोबारों में सक्रिय टाटा समूह एक बार फिर भारत के सबसे मूल्यवान ब्रांड की लिस्ट में टॉप पर रहा। ब्रांड फाइनेंस ने टाटा समूह के बारे में कहा है कि यह ऐतिहासिक मील का पत्थर भारत के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा और नवीकरणीय ऊर्जा में रणनीतिक निवेश के साथ टाटा समूह के बहु-क्षेत्रीय प्रभुत्व को बताता है।

रिपोर्ट के अनुसार, देश का दूसरा सबसे मूल्यवान भारतीय ब्रांड इन्फोसिस है जिसका ब्रांड मूल्य 15 प्रतिशत बढ़कर 16.3 अरब डॉलर हो गया है। यह कंपनी आईटी सेवा क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है। एचडीएफसी ग्रुप 14.2 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य के साथ रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है जबकि सार्वजनिक बीमा कंपनी एलआईसी 13.6 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य के साथ चौथे स्थान पर है।

एचसीएल टेक 8.9 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य के साथ सूची में आठवें स्थान पर है जबकि लार्सन एंड टुब्रो समूह 7.4 अरब डॉलर नौवां सबसे मूल्यवान भारतीय ब्रांड है। महिंद्रा समूह 7.2 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य के साथ इस सूची में 10वें स्थान पर मौजूद है। इस बीच, ताज होटल्स ने लगातार चौथे साल भारत के सबसे मजबूत ब्रांड के रूप में अपना खिताब बरकरार रखा है। वहीं, एशियन पेंट्स इस साल दूसरा सबसे मजबूत भारतीय ब्रांड रहा है जबकि अमूल तीसरे स्थान पर है।

लंदन स्थित 'ब्रांड फाइनेंस' दुनिया की अग्रणी ब्रांड मूल्यांकन सलाहकार कंपनी है। इसकी वार्षिक रैंकिंग एक व्यापक पद्धति पर आधारित है जिसमें ब्रांड मजबूती सूचकांक, ब्रांड प्रभाव और पूर्वानुमान राजस्व को आधार बनाया जाता है। नवीनतम इंडिया 100 रिपोर्ट के मुताबिक, रैंकिंग में शामिल शीर्ष 100 ब्रांडों का कुल मूल्य अब 236.5 अरब डॉलर हो गया है।

इसने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सतत पूंजीगत व्यय, मजबूत घरेलू मांग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी होने से अग्रणी भारतीय ब्रांड वैश्विक अस्थिरता से निपटने के साथ अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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