पीयूष गोयल ने US India Trade Deal को लेकर दिया बयान, तेजी से बढ़ने की कही बात

भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर हैं। ऐसे में कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने इसके तेजी से आगे बढ़ने की बात बोलकर सरकार का पक्ष साफ कर दिया है।
Piyush Goyal
पीयूष गोयल, (केंद्रीय मंत्री)
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Piyush Goyal Statement On US India Trade Deal: कॉमर्स और इंडस्ट्रियल मिनिस्टर पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि प्रपोज्ड ट्रेड डील पर अमेरिका से बातचीत तेजी से आगे बढ़ती हुई देखी जा सकती है।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि इसके अलावा, ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी एफटीए पर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के विपरीत, नरेंद्र मोदी सरकार ने मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र) और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी बीटीए पर अगले दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी टीम अगस्त में भारत का दौरा करेगी।

द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण

भारत और अमेरिकी टीमों ने पिछले हफ़्ते वाशिंगटन में इस समझौते के लिए पांचवें दौर की वार्ता पूरी की। दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को सितंबर-अक्टूबर तक आखिर रूप देने की प्लानिंग बना रहे हैं। इसका टारगेट द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 अरब डॉलर से 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

क्या बोले पीयूष गोयल?

गोयल ने कहा है कि सभी एफटीए की अपनी अलग गतिशीलता होती है और हम ओमान, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ बातचीत के बहुत ही उन्नत चरण में हैं। हम न्यूजीलैंड, चिली और पेरू के साथ भी बातचीत कर रहे हैं, इसलिए हम इस समय एक साथ कई एफटीए पर काफी व्यस्त हैं।

मंत्री ने कहा है कि इनमें से प्रत्येक पर अपेक्षित ध्यान दिया जा रहा है ताकि हम वस्तुओं और सेवाओं में भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सीमाओं का विस्तार कर सकें। हम विकसित देशों और भारत के बीच विश्वास विकसित कर सकते हैं, ताकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई का प्रवाह बढ़ सके।

उन्होंने कहा है कि इसलिए, इन सभी एफटीए पर काम तेज गति से और सही दिशा में चल रहा है। भारत और अमेरिका के बीच ऑनलाइन विचार-विमर्श महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं, जो भारत सहित दर्जनों देशों पर लगाए गए ट्रम्प शुल्क (26 प्रतिशत) के निलंबन की अवधि का अंतिम दिन है। यह पूछे जाने पर कि क्या एक अगस्त से पहले कोई अंतरिम समझौता संभव है, एक अधिकारी ने कहा है कि संभावना हो सकती है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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