सोने-चांदी की चाल पड़ी सुस्त, इस हफ्ते कीमतों में हुआ मामूली बदलाव; जानें आपके शहर में क्या हैं ताजा रेट्स

Gold-Silve Price: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। कॉमेक्स पर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर 5,046.30 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
Gold And Silver price outlook
सोना-चांदी, (डिजाइन फोटो/ नवभारत)
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Gold-Silver Price Update: सोने और चांदी की कीमतों में इस हफ्ते मिलाजुला कारोबार हुआ है। इस दौरान सोने का दाम करीब 700 रुपए बढ़ गया है, जबकि चांदी करीब 2,500 रुपए सस्ती हो गई है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 687 रुपए बढ़कर 1,52,765 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि बीते हफ्ते इसी दिन 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

समीक्षा अवधि के दौरान 22 कैरेट सोने का दाम 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,39,933 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,14,574 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।

चांदी की कीमतों का हाल

दूसरी तरफ चांदी की कीमत एक हफ्ते में 2,496 रुपए कम होकर 2,42,433 रुपए प्रति किलो हो गई है, जिसका दाम बीते हफ्ते इसी दिन 2,44,929 रुपए प्रति किलो था। इस हफ्ते के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हाजिर बाजार में 24 कैरेट के सोने ने 11 फरवरी को 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 13 फरवरी को 1,52,751 रुपए प्रति 10 ग्राम का रहा। चांदी ने 11 फरवरी को 2,66,449 रुपए प्रति किलो का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 13 फरवरी को 2,42,433 रुपए प्रति किलो का देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उतार-चढ़ाव

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। कॉमेक्स पर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर 5,046.30 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। चांदी 77.96 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। सोने और चांदी में बड़ी तेजी के बाद के बाद मामूली बदलाव कीमतों में स्थिरता संकेत है। बीते एक साल में सोने ने 70 प्रतिशत से ज्यादा और चांदी ने 140 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

सप्ताह के अंत तक सोने के दाम अपने पिछले स्तर के करीब ही बने रहे, वहीं चांदी की कीमतों में औद्योगिक मांग के आधार पर छिटपुट बदलाव दर्ज किए गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोई बड़ी वैश्विक घटना या नीतिगत बदलाव नहीं होता, तब तक कीमती धातुओं की चाल इसी तरह सीमित दायरे में रहने की संभावना है।

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