14 बैंक, 25000 करोड़ नकद...कोबरापोस्ट की रिपोर्ट से हिला Chola Finance, लेकिन बाजार ने दिखाई ताकत

Bussiness News: कोबरापोस्ट ने चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। कॉरपोरेट गवर्नेंस आरोपों के बावजूद चोलामंडलम के शेयर 6% चढ़े। कंपनी ने आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताया।
Cholamandalam Investment
चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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CobraPost Report Cholamandalam Investment: चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के शेयर मंगलवार को 6% तक बढ़ गए, जिससे सोमवार का सारा नुकसान रिकवर हो गया। सोमवार को मार्केट बंद होने तक पिछले छह ट्रेडिंग सेशन में से पांच में स्टॉक नीचे था और इस दौरान स्टॉक में 9% तक की गिरावट आई थी। एक डिजिटल पोर्टल कोबरापोस्ट ने चोलामंडलम, मुरुगप्पा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसके प्रमोटर्स पर कॉर्पोरेट गवर्नेस के आरोप लगाए हैं।

कंपनी पर गंभीर आरोप

कोबरापोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 10,262 करोड़ के रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन किए गए हैं, जिसमें मुरुगप्पा ग्रुप एंटिटीज के साथ किए गए ट्रांजेक्शन भी शामिल हैं, जिनकी रेगुलेटरी जांच होनी चाहिए। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मुरुगप्पा ग्रुप ने पिछले पांच सालों में 25,089 करोड़ के कैश डिपॉजिट की रिपोर्ट दी है, जो बहुत ज्यादा, असामान्य और सीआईएफसी के लिए एसेट क्वालिटी रिस्क का संकेत है। इसके साथ ही ऑडिटर की फीसा में अचानक हुई बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए गए हैं। कंपनी और चोला एमएस इंश्योरेंस द्वारा किए गए रिलेटेड पार्टी खुलासे नॉन-डिस्क्लोजर और नॉन-कम्प्लायंस के कई आरोपों की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024 और 2025 के बीच इंश्योरेंस बेचकर कमीशन के तौर पर 942 करोड़ रुपये कमाए, मुरुगप्पा परिवार के सदस्यों को किए गए पेमेंट के बारे में भी चिंता जताई गई है, जिसे कोबरापोस्ट बहुत ज्यादा बताता है। साथ ही क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को किए गए पेमेंट के बारे में भी।

दूसरी कंपनियों से भी मिला फंड

कोबरापोस्ट ने यह भी आरोप लगाया कि उसके एनालिसिस में कुछ क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां, ऑडिटिंग फर्म, ईशा फाउंडेशन जैसे नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन की पहचान हुई है, जिन्हें सीआईएफसीएल और मुरुगप्पा ग्रुप की दूसरी कंपनियों से भी फंड मिला है। न्यूज वेबसाइट के बयान में आरोप लगाया गया है कि कोबरापोस्ट द्वारा रिव्यू की गई फाइलिंग और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर इन संस्थाओं को जांच की अवधि के दौरान कुल मिलाकर लगभग 120 करोड़ रुपये मिले। यही नहीं, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 269टी के अनुसार, जब किसी फाइनेंशियल ईयर में कैश रसीदें 20,000 रुपये से ज्यादा होती हैं, तो पैन की जानकारी देना जरूरी है।

कैश कलेक्शन कुल का लगभग 20% से 40%

एनालिस्ट्स ने कौबरापोस्ट रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। वे कहते हैं कि 25,000 करोड़ के कैश डिपॉजिट चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट के कलेक्शन का 12% से भी कम है और इसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए, क्योंकि कैश कलेक्शन कुल कलेक्शन का लगभग 20% से 40% होता है।

चोला एमएस द्वारा विभिन्न ग्रुप एंटिटीज को किया गया पेमेंट इंडस्ट्री का चलन है और उन्हें ऑडिटर का मेहनताना ज्यादा नहीं लगता। इंश्योरेंस के मामले में एनालिस्ट्स ने कहा कि कई अन्य एनबीएफसी ने भी वित्तीय वर्ष 2025 से इंश्योरेंस इनकम के संबंध में प्रैक्टिस बदल दी है और स्टैंडअलोन इंश्योरेंस फीस इनकम में 135% की बढ़ोतरी कंसोलिडेटेड आधार पर साल-दर-साल 43% तक गिर जाती है।

कंपनी ने दी अपनी सफाई

मंगलवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में चोलामंडलम ने बताया कि उसकी एसेट क्वालिटी, लिक्विडिटी पोजीशन और अन्य एसेट्स फाइनेंशियल स्टेटमेंट में बताए अनुसार मजबूत बने हुए हैं। बयान में कहा गया है, 'पहले दिए गए गाइडेस में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कंपनी बोर्ड द्वारा अप्रूव्ड बिजनेस प्लान के अनुसार काम करना जारी रखेंगी।' चोलामंडलम ने इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और धोखाधड़ी वाला भी बताया। सभी संबंधित पार्टी ट्रांजेक्शन कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट में पूरी और विस्तृत जानकारी के साथ बताए गए हैं। प्रमुख मैनेजेरियल कर्मियों को पेमेंट भी लागू कानून के अनुसार किए गए हैं और रेटिंग एजेंसियों को किया गया पेमेंट भी इंडस्ट्री की प्रक्टिस है।

बयान में आगे कहा गया है, 'गलत तथ्यों को चुनिंदा तरीके से पेश किया गया है। इंडस्ट्री की प्रैक्टिस को इस एजेंसी के फायदे के लिए तोड़ा-मरोड़ा गया है।' चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस के शेयर शुरुआती कारोबार में 5।8% बढ़कर 1,676।4 पर ट्रेड कर रहे है। 2025 में अब तक स्टॉक में 35% की बढ़ोतरी हुई है।

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