RCF महाराष्ट्र में लगाएगा 865 करोड़ का फॉस्फोरिक एसिड प्लांट, किसानों और शेयरधारकों की चमकेगी किस्मत!

Maharashtra News: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी RCF महाराष्ट्र के अलीबाग में ₹865 करोड़ के निवेश से नया फॉस्फोरिक एसिड प्लांट लगाएगी। बोर्ड से मंजूरी मिलते ही कंपनी के विस्तार को नई रफ्तार मिली है।
RCF to invest Rs 865 crore for new phosphoric acid plant in Alibag, Maharashtra
राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (सोर्स: सोशल मीडिया)
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RCF Phosphoric Acid Plant: भारत की दिग्गज उर्वरक उत्पादक कंपनी राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) ने औद्योगिक जगत और कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने महाराष्ट्र के अलीबाग स्थित अपनी थल यूनिट (Thal Unit) में एक नया 'फॉस्फोरिक एसिड' (Phosphoric Acid) प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना पर कंपनी कुल 865.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है।

बोर्ड ने दी 'सैद्धांतिक मंजूरी'

गुरुवार को शेयर बाजार को दी गई एक नियामक फाइलिंग (Regulatory Filing) में RCF ने बताया कि उसके निदेशक मंडल (Board of Directors) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह प्लांट न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि उर्वरक निर्माण के लिए कच्चे माल की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।

प्लांट की क्षमता और निवेश का विवरण

अलीबाग के थल यूनिट में लगने वाले इस नए प्लांट की क्षमता 300 टन प्रति दिन प्रस्तावित की गई है। इस परियोजना के वित्तीय ढांचे को लेकर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए 865.25 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। साथ इस निवेश को 'ऋण' (Debt) और 'इक्विटी' (Equity) के मेल से पूरा किया जाएगा।

क्यों खास है यह फॉस्फोरिक एसिड प्लांट?

फॉस्फोरिक एसिड, कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स (जैसे DAP और NPK) के उत्पादन में एक मुख्य घटक होता है। वर्तमान में भारत को अपनी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर इसका आयात करना पड़ता है। RCF द्वारा अपनी क्षमता बढ़ाना न केवल लागत में कमी लाएगा, बल्कि इससे किसानों को समय पर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

RCF: भारतीय उर्वरक क्षेत्र का दिग्गज

राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) देश की सबसे बड़ी उर्वरक निर्माता कंपनियों में से एक है। मिनी-रत्न श्रेणी की यह कंपनी यूरिया और कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स के अलावा औद्योगिक रसायनों का भी निर्माण करती है। अलीबाग स्थित थल इकाई पहले से ही कंपनी के सबसे बड़े उत्पादन केंद्रों में से एक है, और नए प्लांट के जुड़ने से इसकी अहमियत और बढ़ जाएगी।

बाजार और भविष्य की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से RCF के शेयरों में सकारात्मक हलचल देखी जा सकती है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में यह प्लांट स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और महाराष्ट्र के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती देगा।

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