भारतीय बजट का गौरवशाली इतिहास: 1860 से लेकर 2026 तक, वे दिलचस्प बातें जो आपको जाननी चाहिए

Indian Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आगामी बजट 2026 से पहले, आइए जानते हैं ब्रिटिश काल के पहले बजट से लेकर स्वतंत्र भारत के पहले बजट और इंदिरा गांधी के ऐतिहासिक बजट भाषण तक का पूरा सफर।
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Indian Budget History: देश का आम बजट 2026 नजदीक है, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट पेश करेंगी। लेकिन भारतीय बजट का सफर 166 साल पुराना है, जो जेम्स विल्सन से शुरू होकर आज डिजिटल दौर में पहुंच चुका है। आजादी, विभाजन और महिला नेतृत्व की कई अनकही कहानियाँ इस वित्तीय दस्तावेज में दफन हैं।

भारत में बजट की शुरुआत ब्रिटिश काल के दौरान हुई थी। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, सरकार की ओर से जनता के सामने पेश किया जाने वाला आय और खर्च का लेखा-जोखा यानी बजट की शुरुआत सबसे पहले ब्रिटेन में हुई थी। भारत के इतिहास में पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था। इसे ब्रिटिश सरकार के तत्कालीन वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने संसद में पढ़ा था। यहीं से देश के वार्षिक वित्तीय विवरण की आधिकारिक परंपरा शुरू हुई।

स्वतंत्र भारत का पहला बजट: जब एक ही करेंसी से चलते थे दो देश

15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद, स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। देश के पहले वित्त मंत्री बनने का गौरव आर.के. शनमुखम चेट्टी को प्राप्त हुआ, जो पेशे से एक वकील और अर्थशास्त्री थे। यह बजट पूरे साल के लिए नहीं, बल्कि केवल साढ़े सात महीने की अवधि के लिए बनाया गया था, क्योंकि नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल 1948 से शुरू होना था। इस बजट से जुड़ा एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि उस समय भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाएं इतनी जुड़ी हुई थीं कि यह तय किया गया कि दोनों देश सितंबर 1948 तक एक ही करेंसी का इस्तेमाल करेंगे।

स्वतंत्र भारत के पहले बजट का गुणागणित

स्वतंत्र भारत का पहला बजट अत्यंत कठिन परिस्थितियों में आया था, जब देश विभाजन, दंगों और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रहा था। इस बजट में देश की कुल अनुमानित आय 171.15 करोड़ रुपये रखी गई थी, जबकि राजकोषीय घाटा 204.59 करोड़ रुपये था। बाद में चेट्टी के इस्तीफे के बाद जॉन मथाई ने वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। मथाई ने ही 1949-50 का वह ऐतिहासिक बजट पेश किया, जो सभी रियासतों को मिलाकर एक 'संयुक्त भारत' के लिए तैयार किया गया पहला बजट था।

जब प्रधानमंत्री नेहरू ने खुद पेश किया था देश का बजट

साल 1958 में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वयं यूनियन बजट पेश किया था। इसकी वजह यह थी कि बजट से कुछ समय पहले तत्कालीन वित्त मंत्री टी.टी. कृष्णमाचारी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उनका नाम मुंद्रा घोटाले में सामने आने के बाद उन्होंने पद छोड़ा, जिसके चलते प्रधानमंत्री नेहरू ने संसद में बजट प्रस्तुत किया।

इंदिरा गांधी: बजट पेश करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री

भारतीय राजनीति और बजट के इतिहास में साल 1969-70 बेहद अहम माना जाता है। उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उप प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के बीच मतभेदों के कारण देसाई को पार्टी से बाहर कर दिया गया और वित्त मंत्री का पद खाली हो गया। ऐसे में इंदिरा गांधी ने स्वयं वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला और 28 फरवरी 1970 को देश का बजट पेश किया। यह भारत के इतिहास में पहली बार था जब किसी महिला ने संसद में बजट प्रस्तुत कर एक नई मिसाल कायम की थी।

बजट 2026: निर्मला सीतारमण का 9वां बजट

वर्तमान समय की बात करें तो देश का आम बजट 2026, 1 फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगी, जो उनका कुल 9वां यूनियन बजट होगा। वैश्विक व्यापारिक तनाव और 'ट्रंप टैरिफ' जैसी चुनौतियों के बीच इस बार का बजट भारत की भविष्य की आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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