

Ayodhya Ram Mandir SIT Investigation: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में अब एसआईटी अपनी जांच के अंतिम दौर पर पहुंच गई है। अब जल्द ही इस मामले की जांच कर रही SIT अयोध्या का अपना तीसरा और अंतिम दौरा कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, अपने अंतिम दौरे के बाद एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश की सरकार को सौंपेगी। एसआईटी को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था, जिसके बाद पूरू सच्चाई सामने आ जाएगी।
पिछले तीन हफ्तों से एसआईटी लगातार जांच में जुटी हुई है। इस दौरान एसआईटी ने बड़ी संख्या में मंदिर के डॉक्यूमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कई लोगों के बयान दर्ज किए है। इन सभी की जांच करने के बाद एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर लेगी। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए एसआईटी फील्ड वैरिफिकेशन के लिए अयोध्या भी पहुंचेगी। एसआईटी पुलिस से मिले सबूत और बयानों का मिलान कर भी देख रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान मिले सभी सबूतों तो दोबारा से जांचा जाएगा, ताकि रिपोर्ट में किसी तरह की कमी सामने नहीं आए। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद और गिरफ्तारियां भी हो सकती है। फिलहाल, एसआईटी को किस पर शक है, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है।
उत्तर प्रदेश में अयोध्या पुलिस ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडे को रिमांड पर लिया है। चल रही जांच के तहत आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें कई जगहों पर ले जाया जा रहा है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के धन में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। उनका कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि दान के रूप में प्राप्त धनराशि में किसी प्रकार की गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं।