
बजट 2026 में निवेशकों की प्रमुख मांगें (सोर्स-सोशल मीडिया)
Stock market tax relief: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश करने के लिए तैयार हैं और आज रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार खुला रहेगा। निवेशकों और विशेषज्ञों को इस बजट से टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की प्रबल उम्मीदें हैं क्योंकि अगर टैक्स घटता है तो बाजार में उछाल आएगा। शेयर बाज़ार कर राहत के लिए निवेशक और ब्रोकिंग फर्म्स लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं ताकि आम लोगों के लिए निवेश करना लाभदायक बनाया जा सके। यह बजट शेयर बाजार के भविष्य और निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टैक्स सिस्टम में बदलाव की चर्चा जोरों पर है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को अपना नौवां बजट पेश करेंगी और शेयर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैक्स सिस्टम आसान हुआ तो बाजार रॉकेट बन जाएगा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के कुछ फैसलों से घरेलू निवेशकों के साथ-साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII का भरोसा भी भारतीय बाजार में काफी हद तक बढ़ सकता है। निवेशक मुख्य रूप से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन और सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स में बड़ी कटौती की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उन्हें उनके निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल सके।
SAS ऑनलाइन के संस्थापक श्रेय जैन के अनुसार अधिक निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानी LTCG पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की जरूरत है। वर्तमान में एक वित्तीय वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक की कमाई पर 12.5 फीसदी टैक्स लगता है जिसे निवेशक काफी अधिक मान रहे हैं और इसे बदलने की मांग है। निवेशकों की पुरजोर मांग है कि इस टैक्स-मुक्त सीमा को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये किया जाए ताकि छोटे और मध्यम वर्ग के निवेशकों को बड़ी राहत मिल सके।
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन यानी STCG टैक्स को भी वर्तमान के 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करने की मांग प्रमुखता से विशेषज्ञों और निवेशकों द्वारा बजट से पहले उठाई जा रही है। निवेशक चाहते हैं कि शॉर्ट टर्म में बेचे गए शेयरों से होने वाली कम से कम 1.5 लाख रुपये तक की कमाई पर सरकार द्वारा कोई टैक्स न वसूला जाए। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और लोग छोटे अंतराल के लिए निवेश करने में अधिक रुचि दिखाएंगे जिससे पूरे बाजार की स्थिरता और ट्रेडिंग वॉल्यूम में काफी वृद्धि होगी।
जेरोधा के सीईओ और अरबपति नितिन कामथ ने सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स यानी STT को पूरी तरह से समाप्त करने या इसमें बड़ी कटौती करने की वकालत बजट 2026 से पहले की है। उनका तर्क है कि लेनदेन पर लगने वाले इस टैक्स से बाजार की गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह एक तरह से निवेशकों पर सरकार द्वारा लगाया गया दोहरा बोझ है। कामथ का मानना है कि STT तब लाया गया था जब LTCG शून्य था लेकिन अब दोनों टैक्स एक साथ लेना निवेशकों के साथ न्यायसंगत नहीं है और इसे हटाना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों को हर ट्रांजेक्शन पर STT देना पड़ता है और फिर मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है जिससे उनकी वास्तविक कमाई काफी कम हो जाती है। नितिन कामथ ने सवाल उठाया है कि जब LTCG टैक्स फिर से लागू कर दिया गया है तो STT को बार-बार बढ़ाने का सरकार के पास कोई ठोस तर्क नहीं बचता है। अगर सरकार STT को वापस लेती है या कम करती है तो इससे न केवल निवेशकों का मुनाफा बढ़ेगा बल्कि बाजार में होने वाले सौदों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी देखी जाएगी।
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बजट के दिन बाजार की दिशा इन टैक्स घोषणाओं पर निर्भर करेगी और सकारात्मक फैसले आने पर निफ्टी और सेंसेक्स में ऐतिहासिक तेजी की संभावना विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि बजट के दिन बाजार में भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है इसलिए छोटे निवेशकों को सावधानी के साथ ही कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए। कुल मिलाकर बजट 2026 निवेशकों के लिए उम्मीदों का पिटारा लेकर आ रहा है और अब सबकी नजरें वित्त मंत्री के पिटारे से निकलने वाले ऐलानों पर टिकी हैं।






