- Hindi News »
- Business »
- Share Market Crash Ipo Ofs Scam Sebi Failure Hindi News
मंदी के दलदल में फंसा भारतीय शेयर बाजार! IPO-OFS की सबसे बड़ी लूट का ‘साइड इफेक्ट’
Stock Market Recession 2026: शेयर बाजार IPO और OFS के जरिए हुई 'कॉर्पोरेट लूट' के कारण गहरे संकट में है। सेबी की अनदेखी और प्रमोटरों की मनमानी से करोड़ों रिटेल निवेशकों की पूंजी स्वाहा हो रही है।
- Written By: आकाश मसने

प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Share Market Crash Hindi: पहले से ही मंदी से त्रस्त भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) को अब ईरान-इजराइल युद्ध से दोहरी मार पड़ी है। शेयर बाजार के चारों मुख्य बेंचमार्क सेंसेक्स-निफ्टी और मिडकैप-स्मॉलकैप 11 माह के न्यूनतम स्तरों पर लुढ़क गए हैं। दरअसल, पूंजी बाजार नियामक ‘सेबी’ (SEBI) द्वारा दी गयी खुली छूट का नाजायज फायदा उठाकर पिछले 5 वर्षों से जारी इतिहास की सबसे बड़ी आईपीओ-ओएफएस (IPO-OFS) लूट के कारण भारतीय शेयर बाजार घोर मंदी से जूझ रहा है और इस मंदी की शुरूआत अक्टूबर 2024 से हो गयी थी, जो लगातार जारी है।
भले ही भारत 7% से अधिक की तेज ग्रोथ (High Growth) के साथ दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और वर्ष 2025 में दुनिया के तमाम बड़े देशों के शेयर सूचकांक नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए, लेकिन भारतीय बाजार में मंदी का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर न कभी वित्तमंत्री ने और ना ही सेबी प्रमुख ने ध्यान दिया है। सरकार और सेबी की इसी अनदेखी का दुष्परिणाम है कि भारतीय बाजार में पिछले 17 महीनों से मंदी छाई हुई है और 80% कंपनियों के शेयर भाव 52 सप्ताह के या नए न्यूनतम स्तरों पर गिरते जा रहे हैं। विगत 17 महीनों के दौरान 4100 से अधिक कंपनियों के शेयर भाव 10 से लेकर 50% तक नुकसान में आ चुके हैं। फिर भी सेबी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
इंडिया ग्रोथ स्टोरी फुस्स
अब इंडिया ग्रोथ स्टोरी की हवा एक तरह से निकल चुकी है और इसके जिम्मेदार हैं लालची मर्चेंट बैंकर, प्रमोटर और बड़े फंड हाउस। यानी ये पूंजीपति कार्टेल बनाकर महंगे सार्वजनिक निर्गमों-ऑफर फॉर सेल (IPO-OFS) के जरिए देश भर के करोड़ों रिटेल निवेशकों को जमकर चूना लगा रहे हैं। आईपीओ मार्केट में जिस तरह की लूट मची है, ऐसी कॉर्पोरेट लूट 1992-1995 के दौरान भी मची थी। उसका दुष्परिणाम यह हुआ था कि बाद में कई वर्षों तक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में घोर मंदी छाई रही। अब भी उसी तरह की भारी मंदी का खतरा पैदा हो गया है। इस भारी मंदी की चेतावनी ‘नवभारत’ ने अपने 22 दिसंबर 2025 को प्रकाशित लेख ”इंडिया ग्रोथ स्टोरी की निकाली जा रही हवा” में दे दी थी।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market Rises: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद से शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 408 अंक चढ़ा
दुनिया में मंदी का डर, फिर भी नंबर 1 भारत! GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान, UN ने भारत पर क्या भविष्यवाणी की?
Wheat Export: केंद्र सरकार ने दी 25 लाख टन गेहूं निर्यात की मंजूरी, 50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा यह आंकड़ा
अनिल अंबानी की कंपनी RCom पर CBI का एक्शन, दो दिग्गज अधिकारी गिरफ्तार, बैंक फ्रॉड लगा आरोप
सेबी की ‘खुली छूट’ का नाजायज फायदा
सेबी की ‘खुली छूट’ का नाजायज फायदा उठाकर पिछले 5 साल में महंगे आईपीओ से जितनी पूंजी बटोरी गयी है, उतनी तो पिछले 20 साल में भी नहीं जुटायी गयी। पिछले 5 वर्षों में करीब 400 आईपीओ के जरिए बाजार से रिकॉर्ड 6 ट्रिलियन रुपये की पूंजी बटोरी गयी है, जो कि वर्ष 2000 से 2020 के बीच 20 साल में 658 आईपीओ के जरिए बटोरी गयी 4.55 ट्रिलियन रुपये की पूंजी से 30% ज्यादा है। चिंता की बात यह कि इसमें से 65% ऑफर फॉर सेल (OFS) यानी करीब 4 ट्रिलियन रुपये की बड़ी पूंजी है, जो सीधे पूंजीपतियों और विदेशियों की जेब में चली गयी है। पिछले दो साल में ही काल्पनिक महंगी वैल्यूएशन पर करीब 2.30 ट्रिलियन रुपए के ओएफएस लाए गए हैं।
चिंताजनक बात यह भी कि करीब 50% आईपीओ में करोड़ों निवेशकों को अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। पेटीएम, ओला, मीशो, ग्लोटिस, जारो, एक्सेलसॉफ्ट, ड्रीमफॉक, क्रेडो, उत्कर्ष, आयडियाफोर्ज, ब्रेनबीस, डेम कैपिटल, आयकियो, एक्मे, होनासा, फर्स्टक्राई, कोनकोर्ड, ओर्कला, इंडोफार्म, सोलरवर्ल्ड, शेशासाई, जेन एरोमैटिक्स, स्विगी, शेडोफैक्स, क्लीनमैक्स सहित अनेक महंगे आईपीओ कॉर्पोरेट लूट के अनगिनत उदाहरण हैं। वर्ष 2008 में आया रिलायंस पावर का आईपीओ भी एक बड़ी लूट थी। आज ये सभी शेयर धूल चाट रहे हैं।
नए सेबी अध्यक्ष से भी निराशा!
यदि पिछले तीन दशकों में इस आईपीओ लूट के आंकड़ों की गणना की जाए तो यह 5 लाख करोड़ रुपये (5 ट्रिलियन रुपये) से ज्यादा ही होगा। अफसोस तो इस बात का है कि देश के करोड़ों छोटे निवेशकों से की गयी अरबों रुपये की इस लूट के बावजूद सेबी ने आईपीओ में कीमत निर्धारित करने का सबसे महत्वपूर्ण काम अब भी लालची मर्चेंट बैंकरों और प्रमोटरों के भरोसे ही छोड़ा हुआ है। सबसे अधिक आईपीओ में लूट सेबी की पूर्व अध्यक्षा माधबी पुरी बुच के कार्यकाल में की गयी थी। देश के निवेशकों को नए अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे से बड़ी उम्मीदें थी कि वे इस खुली लूट पर अंकुश लगाकर छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा करेंगे और बाजार को मंदी से बचाएंगे, लेकिन उनसे भी निराशा ही मिलती दिख रही है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा पूंजी की सुरक्षा के लिए खुद ही सतर्क रहना होगा।
यह भी पढ़ें:- अब मुंबई में बिना लॉटरी के मिलेगा घर, MHADA की ‘पहले आओ-पहले पाओ’ स्कीम शुरू, जानें आवेदन का तरीका और शर्तें
6 ट्रिलियन रुपये के भारी निवेश के बावजूद मंदी क्यों?
जो संस्थागत निवेशक (फंड हाउस) 20 से 30 के PE Ratio पर भी भारतीय शेयर बाजार को महंगा बता कर मंदी ला रहे हैं, वे ही फंड हाउस 100 से 1000 के पीई रेशियो पर भी काफी महंगे आईपीओ लाने वाली कंपनियों में बेधड़क निवेश करके रिटेल निवेशकों की जमा पूंजी को दांव पर क्यों लगा रहे हैं? यह बड़ा सवाल है।
अक्टूबर 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कुल 4 ट्रिलियन रुपये की बिकवाली की है, जबकि भारतीय संस्थागत निवेशकों ने रिटेल निवेशकों के बढ़ते निवेश के दम पर बाजार में 10 ट्रिलियन रुपये से अधिक की शुद्ध खरीदी की है। यानी 6 ट्रिलियन रुपये ज्यादा का निवेश। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि 6 ट्रिलियन रुपये के भारी शुद्ध निवेश के बावजूद मंदी क्यों है? स्पष्ट है कि ये 6 ट्रिलियन रुपये आईपीओ-ओएफएस के जरिए पूंजीपतियों की जेब में चले गए हैं।
दरअसल, पूंजी बाजार नियामक ‘सेबी’ द्वारा दी गयी खुली छूट का नाजायज फायदा उठाकर पिछले 5 वर्षों से जारी इतिहास की सबसे बड़ी IPO-OFS लूट के कारण भारतीय शेयर बाजार घोर मंदी से जूझ रहा है और इस मंदी की शुरूआत अक्टूबर 2024 से हो गयी थी, जो लगातार जारी है।
– नवभारत लाइव के लिए मुंबई से विष्णु भारद्वाज की रिपोर्ट
Share market crash ipo ofs scam sebi failure hindi news
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
जापान का ऐतिहासिक फैसला: 50 साल बाद हटा हथियारों के निर्यात से बैन, दुनिया के डिफेंस मार्केट में मचेगी हलचल
Apr 21, 2026 | 04:31 PMसोनी पर दिखेगा Asian Games 2026 का रोमांच, 16 दिनों में खेला जाएगा 41 खेल; जानें कब से शुरू होगा यह महाकुंभ
Apr 21, 2026 | 04:25 PMगडचिरोली में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, शेकरू समेत दुर्लभ वन्यजीवों के शिकार में 12 लोग गिरफ्तार
Apr 21, 2026 | 04:21 PMसावधान! पाकिस्तान से आई इस क्रीम ने उड़ाई रातों की नींद, इंस्टेंट ग्लो के चक्कर में किडनी हो रही फेल, VIDEO
Apr 21, 2026 | 04:21 PMMakar Rashifal: मकर राशि के जातक आज के दिन रहे सावधान! जानिए क्या कह रहा है आज का राशिफल
Apr 21, 2026 | 04:18 PMGPay और WhatsApp से बुक होगी BEST की टिकट, बसों की ऑनलाइन टिकटिंग और हुई आसान
Apr 21, 2026 | 04:13 PMसांसद के घर के पास चली गोलियों! जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की दिनदहाड़े हत्या, रांची में दहशत का माहौल
Apr 21, 2026 | 04:12 PMवीडियो गैलरी

ड्रेस कोड या खास रणनीति? लेंसकार्ट विवाद पर भड़कीं नाजिया इलाही खान, कंपनी पर लगाए धार्मिक भेदभाव के आरोप
Apr 21, 2026 | 02:20 PM
मजदूरी मांगने पर ईंट भट्ठा मालिक की हैवानियत, मजदूर को बेरहमी से पीटने के बाद समझौते का बनाया दबाव
Apr 20, 2026 | 11:41 PM
‘भारत की आस्था को दुनिया की कोई भी ताकत डिगा नहीं पाई..,’ योगी आदित्यनाथ ने सनातन आस्था को बताया शाश्वत
Apr 20, 2026 | 11:10 PM
पटना में महिला आरक्षण को लेकर NDA कार्यकर्ताओं का आक्रोश, विपक्ष पर जमकर गरजी महिलाएं
Apr 20, 2026 | 10:33 PM
चुनाव है तो क्या सीट तुम्हारी हो गई? ट्रेन में महिला की रिजर्व सीट पर दबंगई, जवाब सुनकर हो जाएंगे हैरान
Apr 20, 2026 | 10:25 PM
फरसा लहराने वालों को मेरठ डिप्टी एसपी की सख्त चेतावनी, VIDEO हुआ वायरल; सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ
Apr 20, 2026 | 10:17 PM














