

Tej Pratap vs Tejaswi Yadav: इस बार उन्होंने अपने छोटे भाई और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी की है। तेजप्रताप ने दोनों नेताओं पर कटाक्ष करते हुए सवाल खड़ा किया कि वे लोकतंत्र बचाने निकले हैं या फिर उसे नुकसान पहुंचाने।
सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर तेजप्रताप ने एक वीडियो शेयर किया और उसके साथ एक तीखा संदेश भी लिखा। एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "मुझे समझ नहीं आ रहा है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव लोकतंत्र बचाने के लिए निकले हैं या फिर लोकतंत्र को ताड़-ताड़ करने निकले हैं। क्योंकि जिस प्रकार से नबीनगर विधानसभा से विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह के गाड़ी चालक को और उसके साथ एक मीडिया पत्रकार भाई को जयचंद द्वारा मारा-पीटा और गाली गलौज किया गया है, यह बेहद ही गलत और शर्मनाक है। मैं इसकी कड़ी आलोचना करता हूं।"
तेजप्रताप ने अपने संदेश में सीधे तौर पर नाम लेते हुए छोटे भाई तेजस्वी यादव को आगाह किया है। उन्होंने लिखा, "मैं कहना चाहता हूं कि अभी भी समय है, अपने आसपास के जयचंदों से सतर्क हो जाओ। अगर समय रहते नहीं संभले तो आगामी चुनाव में परिणाम बेहद खराब हो सकते हैं। अब यह देखना बाकी है कि आप कितने समझदार हैं, इसका निर्णय जनता देगी।"
तेजप्रताप के इस बयान को लेकर सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजप्रताप की यह टिप्पणी सिर्फ व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, बल्कि महागठबंधन के भीतर चल रही अंतर्कलह की झलक भी दिखा रही है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' की शुरुआत की थी। यह यात्रा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में की जा रही है। यात्रा की शुरुआत सासाराम से हुई है और इसका समापन 1 सितंबर को पटना में एक विशाल जनसभा के साथ होगा।
इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के प्रमुख दलों के नेता, जिनमें तेजस्वी यादव और वामपंथी पार्टियों के नेता भी शामिल हैं, सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में तेजप्रताप का यह बयान गठबंधन के भीतर संभावित दरार की ओर संकेत करता है।