- Hindi News »
- Bihar »
- Shrawan Kumar Nalanda Mla Nitish Kumar Confidant Bihar Rural Development Minister
श्रवण कुमार: नालंदा की राजनीति के अडिग स्तंभ और नीतीश कुमार के विश्वस्त सहयोगी
Shravan Kumar: बिहार की राजनीति में कुछ ऐसे नाम हैं जो न केवल सत्ता के गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी पकड़ रखते हैं। ऐसा ही एक नाम है श्रवण कुमार। जानिए कैसा रहा है उनका राजनीतिक सफर।
- Written By: प्रतीक पांडेय

श्रवण कुमार, फोटो- सोशल मीडिया
Bihar Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति में कुछ ऐसे नाम हैं जो न केवल सत्ता के गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी पकड़ रखते हैं। ऐसा ही एक नाम है श्रवण कुमार। वर्तमान में वे राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अत्यंत करीबी माने जाते हैं। तीन दशक से अधिक के राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें बिहार की राजनीति में एक मजबूत स्तंभ बना दिया है।
69 वर्षीय श्रवण कुमार का राजनीतिक जीवन उनके छात्र जीवन में ही शुरू हो गया था। उन्होंने ऐतिहासिक जेपी आंदोलन (जयप्रकाश नारायण) में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसने उनकी राजनीति की नींव रखी। श्रवण कुमार ने इंटर तक की शिक्षा प्राप्त की और युवावस्था में ही समाज सेवा को अपना उद्देश्य बना लिया था।
समता पार्टी से निरंतर विजय का रिकॉर्ड
श्रवण कुमार की राजनीतिक दिशा तब तय हुई जब 1994 में नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस ने लालू प्रसाद यादव से अलग होकर समता पार्टी की स्थापना की। श्रवण कुमार इस नई राजनीतिक धारा के समर्थक बने। 1995 में, उन्होंने समता पार्टी के टिकट पर पहली बार नालंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। यह एक महत्वपूर्ण जीत थी क्योंकि उस समय समता पार्टी के केवल सात उम्मीदवार ही विजयी हुए थे, जिनमें श्रवण कुमार भी शामिल थे।
सम्बंधित ख़बरें
लड़कों के साथ घूमने पर परिवार वालों ने डांटा, 5 सहेलियों ने खाया जहर, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार
‘मुझे मरवाने की कोशिश हुई’, रिहाई के बाद पप्पू यादव का विस्फोटक बयान; बोले- साजिश करने वालों को छोड़ूंगा नहीं
पप्पू यादव अब पूरी तरह आजाद, कोर्ट से सभी केसों में मिली जमानत; संसद से सड़क तक फिर दिखेगा वही पुराना अंदाज
लालू परिवार पर 3 मार्च को होगा बड़ा फैसला, कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले आज क्या कहा?
25 साल लगातार नालंदा से विधायक
समता पार्टी का जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में विलय होने के बाद भी, श्रवण कुमार ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी। वे 1995 से लेकर 2020 तक लगातार सात बार नालंदा सीट से विधायक चुने गए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने 1995, 2000, 2005, 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की। 2015 के चुनाव में, जब जेडीयू और राजद का गठबंधन था, तब भी वे मात्र 3000 वोटों के अंतर से विजयी हुए थे, जो उनकी लोकप्रियता और जनसमर्थन का प्रमाण है।
नीतीश कुमार से करीबी और संगठनात्मक भूमिका
श्रवण कुमार को नीतीश कुमार के अत्यंत करीबी माने जाने का एक कारण यह भी है कि वे दोनों एक ही जाति (कुर्मी) से संबंध रखते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि वे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक समझ को विकसित करने में भी भूमिका निभा रहे हैं। समता पार्टी के दिनों से ही नीतीश कुमार के साथ रहे श्रवण कुमार ने जेडीयू में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे बिहार विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (Chief Whip) रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी दोनों की कैबिनेट में मंत्री पद संभाला है।
यह भी पढ़ें: मंगल पांडे: संगठन से संघर्ष तक का सफर, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सिवान सदर सीट से बड़ी चुनौती
वर्तमान में, वह ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाना है।
Shrawan kumar nalanda mla nitish kumar confidant bihar rural development minister
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Valentine’s Day 2026: इस बार घर पर ट्राई करें ये 5 हार्ट शेप डिशेज, यादगार बनेगी आपकी डेट
Feb 14, 2026 | 08:26 AMदुष्काल से मुक्ति की राह? संसद में गूंजा मराठवाड़ा का जलसंकट, कराड ने मांगा त्वरित समाधान
Feb 14, 2026 | 08:23 AMचीन ने शुरू किया ‘2026 फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष’, सिनेमा क्षेत्र में आएगी नई क्रांति
Feb 14, 2026 | 08:18 AMमहाशिवरात्रि पर घृष्णेश्वर धाम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब; 5 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद
Feb 14, 2026 | 08:08 AMनागपुर में इन 6 खदानों में छिपा रेयर अर्थ का भंडार, WCL के नए CMD हेमंत शरद पांडे ने बताया मास्टर प्लान
Feb 14, 2026 | 08:05 AMशाबाश! 19 साल के अथर्व चतुर्वेदी ने खुद लड़ा अपना केस, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
Feb 14, 2026 | 08:00 AMEknath Shinde के मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल के संकेत, कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रियों पर गिर सकती है गाज
Feb 14, 2026 | 07:58 AMवीडियो गैलरी

संसद में कफ सिरप पर संग्राम, विपक्ष ने मांगा ₹5 लाख का मुआवजा, नड्डा बोले- एक भी मौत रिपोर्ट नहीं हुई- VIDEO
Feb 13, 2026 | 09:22 PM
बांग्लादेश में ‘तारिक’ का उदय, भारत के लिए संकट या सुनहरा मौका? PM मोदी के बधाई संदेश ने साफ की तस्वीर-VIDEO
Feb 13, 2026 | 09:17 PM
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की महू में दस्तक! कारोबारी को फोन और मेल पर मिली धमकी, इंदौर पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
Feb 13, 2026 | 09:10 PM
‘अधिकारी का ट्रे उठाने के लिए नहीं, देश की रक्षा के लिए बना है जवान’, संसद में दहाड़े संजय सिंह- VIDEO
Feb 13, 2026 | 09:06 PM
करोड़ों की नेटवर्थ फिर भी जेल की हवा, राजपाल यादव के पतन की वो 3 बड़ी वजहें, जिन्होंने छोटा डॉन को बनाया कर्जदार
Feb 13, 2026 | 08:59 PM
नाम के आगे लिखने से कोई शंकराचार्य नहीं होता, सपा की ‘दोगली’ नीति पर सदन में भड़के CM योगी- VIDEO
Feb 13, 2026 | 08:48 PM














