उल्टा पड़ा BJP का दांव...तो तेजस्वी जीत जाएंगे चुनाव! सीमांचल का 'सेल्फ गोल' साबित होगा ये मुद्दा?

Bihar Politics: सीमांचल में तकरीबन 47% मुस्लिम आबादी है, जिसमें कई सीटों पर मुस्लिम वोटरों की संख्या 70 फीसदी के करीब तक पहुंच जाती है। ऐसे में मुसलमान वोटर निर्णायक साबित होने वाले हैं।
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कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन फोटो)
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Bihar Assembly Elections: बिहार में मंगलवार को दूसरे चरण की वोटिंग होनी है। पहले चरण में 65.08% मतदान हुआ है। इस लिहाज से दूसरे चरण में भी जोरदार वोटिंग की उम्मीद है। इस फेज में सीमांचल की 24 सीटों पर भी मतदान होगा। जो कि बेहद अहम होने वाला है।

सीमांचल में तकरीबन 47% मुस्लिम आबादी है, जिसमें कई सीटों पर मुस्लिम वोटरों की संख्या 70 फीसदी के करीब तक पहुंच जाती है। ऐसे में मुसलमान वोटर निर्णायक साबित होने वाले हैं। इसीलिए यहां सारा का सारा दारोमदार मुस्लिम मतदाताओं पर टिका हुआ माना जा रहा है।

BJP ने खूब उछाला घुसपैठियों का मुद्दा

कहा जा रहा है कि सीमांचल की 24 सीटें बिहार की नई सरकार तय करेंगी। यही वजह है कि सीमांचल के जिलों में एनडीए और महागठबंधन दोनों ने ही प्रचार में जमकर जोर लगाया है। यहां ध्रुवीकरण और घुसपैठिए का मुद्दा खूब उछला। भाजपा की ओर से गृह मंत्री अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने खूब रैलियां की।

उल्टा पड़ा दांव...तो तेजस्वी जीतेंगे चुनाव

पिछले चुनाव में 2020 के चुनाव में सीमांचल की 24 सीटों में एनडीए को 12, महागठबंधन को 7, और AIMIM को 5 सीटें हासिल हुई थीं। हालांकि बाद में AIMIM के चार विधायक राजद में चले गए थे। यहां की मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर महागठबंधन के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन अगर भाजपा का दांव उल्टा पड़ा तो तेजस्वी का काम आसान हो जाएगा। दरअसल, सीमांचल की सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने घुसपैठियों का मुद्दा बेहद ही जोर-शोर से उठाया। जाहिर सी बात है कि यह 'जुमला' मुसलमानों के लिए बोला गया। अब चर्चा यह है कि मुसलमान अगर भाजपा के इस आरोप से आहत हो गए तो वे उसके खिलाफ मजबूत पक्ष चुन सकते हैं। ऐसा हुआ तो यह महागठबंधन के लिए बड़ी खुशखबरी होगी।

ओवैसी की बातों का हुआ असर तो क्या?

सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिमों की हिस्सेदारी को मुद्दा बनाए हुए हैं। वो कह चुके हैं कि जब ढाई प्रतिशत वाले मल्लाह समाज का बेटा डिप्टी सीएम का कैंडिडेट हो सकता है, तो फिर 18 फीसदी वाले मुस्लिम समाज का बेटा क्यों नहीं। अगर उनकी यह बात मुस्लिम मतदाताओं के दिल-ओ-दिमाग में उतरी तो उन्हें बढ़त मिल सकती है। जिसका सीधा नुकसान महागठबंधन को होगा।

फिलहाल, सीमांचल सहित बिहार की 122 सीटों पर कल मतदान होना है। मतदाताओं के दिमाग में क्या कुछ है और वे किसके सर बिहार का ताज सजाने वाले हैं? इस सवाल का सटीक जवाब तो चुनाव परिणामों की तारीख यानी 14 नवंबर ही दे पाएगी।

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