- Hindi News »
- Bihar »
- Nitish Kumar Resignation Impact Analysis Bjp Rjd Jdu Bihar Politics
RJD, जदयू और भाजपा; नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने से किसे फायदा और किसे नुकसान? जानें सियासी समीकरण
Bihar Politics After Nitish Kumar: दो दशकों तक बिहार की धुरी रहे नीतीश कुमार के जाने से राज्य की तीनों प्रमुख पार्टियों- भाजपा, राजद और जदयू के लिए सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
- Written By: मनोज आर्या

तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, (डिजाइन फोटो/ नवभारत)
Bihar Political Analysis, BJP vs RJD vs JDU: नीतीश कुमार का बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना और राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में कदम रखना, भारतीय राजनीति के सबसे बड़े ‘पावर शिफ्ट’ में से एक है। दो दशकों तक बिहार की धुरी रहे नीतीश के जाने से राज्य की तीनों प्रमुख पार्टियों- भाजपा, राजद और जदयू के लिए समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। नीतीश कुमार का बिहार की मुख्य राजनीति से अलग होना किसके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा और किसके लिए सबसे ज्यादा नुकसान? आइए सभी राजनीतिक पहलुओं को समझते हैं।
1. भाजपा सबसे बड़ी विजेता?
भाजपा के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिहार में पहली बार उनका अपना मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) होगा। अब तक भाजपा बिहार में ‘जूनियर पार्टनर’ की भूमिका में थी, लेकिन अब वह ड्राइविंग सीट पर है। नीतीश की छाया से बाहर निकलकर भाजपा अब अपनी विचारधारा को सीधे जमीन पर उतार सकेगी। सम्राट चौधरी को आगे कर भाजपा ने नीतीश के ‘लव-कुश’ वोट बैंक में अपनी जगह पक्की कर ली है।
भाजपा के लिए सत्ता विरोधी लहर सबसे बड़ी नुकसान हो सकती है। अब तक किसी भी विफलता का ठीकरा नीतीश पर फोड़ा जा सकता था, लेकिन अब पूरी जिम्मेदारी भाजपा की होगी। 2029 के विधानसभा चुनाव में जनता सीधे भाजपा से हिसाब मांगेगी।
सम्बंधित ख़बरें
Uttar Pradesh: कैबिनेट विस्तार के बाद एक्शन में CM योगी, कल बुलाई बड़ी बैठक; नए मंत्रियों को सौंपेंगे विभाग!
मेरा भारत, मेरा योगदान के माध्यम से लोगों को संदेश, पीएम मोदी की अपील पर BJP ने शुरू किया ये देशव्यापी अभियान
ललन सिंह के एक बयान से बिहार NDA में हड़कंप, बताया नीतीश कुमार ने सम्राट को क्यों चुना अपना उत्तराधिकारी
दिग्विजय सिंह बोले- ‘मैं घोर सनातनी हूं’, बीजेपी विधायक उषा ठाकुर से हुई शालीन बहस
2. राष्ट्रीय जनता दल के लिए क्या?
नीतीश के हटने से बिहार की राजनीति में नेतृत्व का एक बड़ा वैक्यूम पैदा हुआ है। तेजस्वी यादव अब राज्य में सबसे बड़े विपक्षी नेता के रूप में खुद को भावी मुख्यमंत्री के तौर पर पेश कर सकेंगे। उन्हें अब नीतीश कुमार की रणनीतियों से जूझने की जरूरत नहीं होगी। नीतीश कुमार की गैरमौजूदगी में अब मुकाबला ‘मंडल बनाम कमंडल’ का सीधा हो गया है। राजद इसे पिछड़ा बनाम सवर्ण (भले ही भाजपा का सीएम ओबीसी हो) की लड़ाई बनाकर ध्रुवीकरण की कोशिश करेगी।
संसाधनों की कमी राष्ट्रीय जनता दल के लिए नुकसान की वजह बनी हुई है। सत्ता से बाहर होने के कारण राजद के पास सांगठनिक मजबूती और संसाधनों का अभाव हो सकता है। भाजपा की मशीनरी का मुकाबला करना तेजस्वी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
3. जदयू के अस्तित्व का संकट?
नीतीश कुमार अब केंद्र में एनडीए के एक बड़े रणनीतिकार के रूप में उभर सकते हैं। इससे जदयू को केंद्र सरकार में बेहतर मंत्रालय और बिहार के लिए विशेष पैकेज जैसी मांगें मनवाने में आसानी होगी। हालांकि, सियासी जानकारों का ऐसा मानना है कि नीतीश कुमार मोदी कैबिनेट में खुद को शामिल नहीं करेंगे।
यह भी पढ़ें: 30 साल का राजनीतिक सफर…कई विवादों से जुड़ा नाम, लेकिन सम्राट चौधरी का पीछा नहीं छोड़ेंगे ये 3 आरोप
नीतीश की पार्टी में फूट का डर
पार्टी में फूट का डर जदूय के लिए नुकसान के रूप में देखा जा रहा है। जदयू हमेशा से नीतीश केंद्रित पार्टी रही है। उनके सक्रिय राजनीति से हटने (या दिल्ली जाने) के बाद पार्टी में टूट की संभावना बढ़ गई है। कई विधायक भाजपा या राजद का रुख कर सकते हैं। इसके अलावा बिना नीतीश के बिहार में जदयू की क्या पहचान होगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। पार्टी का कैडर और वोट बैंक भाजपा की ओर शिफ्ट हो सकता है।
Nitish kumar resignation impact analysis bjp rjd jdu bihar politics
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: सोमवार को मकर और वृश्चिक राशि वालों को होगा बंपर लाभ, जानिए सभी 12 राशियों का आज का भाग्यफल
May 18, 2026 | 12:10 AMIPL 2026: राजधानी में DC की बादशाहत, राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से चटाई धूल, अक्षर पटेल ने खेली कप्तानी पारी
May 17, 2026 | 11:34 PMइंडोनेशिया में फिर फटा ज्वालामुखी, आसमान में 5,000 मीटर ऊपर तक उड़ा राख का गुबार; हाई अलर्ट जारी
May 17, 2026 | 10:57 PMकोलकाता के पार्क सर्कस में भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों के पथराव में 3 पुलिस घायल; मौके पर सुरक्षाबल तैनात
May 17, 2026 | 10:55 PMअभिनेत्री उषा चव्हाण के जमीन विवाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बड़ी एंट्री, TDR ट्रांजैक्शन पर लगाई रोक
May 17, 2026 | 10:55 PMऋषभ पंत पर गिरेगी गाज! सिलेक्शन कमेटी लेने जा रही बड़ा फैसला, टेस्ट टीम में इस बड़ी जिम्मेदारी से होगी छुट्टी?
May 17, 2026 | 10:23 PMस्वीडन ने PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, प्रधानमंत्री के खाते में दर्ज हुआ 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
May 17, 2026 | 10:21 PMवीडियो गैलरी

लखनऊ में भारी बवाल, वकीलों के अवैध चैंबरों पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, पुलिस ने की लाठीचार्ज, देखें VIDEO
May 17, 2026 | 01:25 PM
शिक्षामंत्री फुंकवाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री…बिहार सरकार पर तेजस्वी का तंज, बोले- सरकार ने जनता को ठगा
May 17, 2026 | 01:09 PM
आग का गोला बनी राजधनी एक्सप्रेस! थर्ड AC और SLR कोच जलकर खाक, देखें कैसे बची 68 यात्रियों की जान- VIDEO
May 17, 2026 | 12:54 PM
मेरे लिए बेहद लकी है गोवा…अरविंद केजरीवाल ने बताया कैसे गोवा पहुंचते ही पलट गई शराब घोटाले की बाजी! VIDEO
May 17, 2026 | 12:17 PM
16 मई को ठप हो जाएगी दिल्ली-मुंबई? डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों का फूटा गुस्सा, देशव्यापी बंद का ऐलान
May 16, 2026 | 01:25 PM
उनकी पूरी जिंदगी अदालतों के…ममता बनर्जी पर भाजपा नेता का तीखे वार, बोले- चुनावी हिंसा की पुरानी परंपरा बदली
May 16, 2026 | 01:06 PM














