संभाजीनगर में नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र में फिल्टर बॉक्स की सफाई पूरी; अब शहरवासियों को मिलेगा साफ पानी

Sambhajinagar Water Supply News: छत्रपति संभाजीनगर के नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र में फिल्टर बॉक्स की सफाई और बैकवॉशिंग का काम पूरा हो गया है। इससे अब शहर में साफ पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
Water quality improved in Chhatrapati Sambhajinagar as filter box backwashing concluded at Nakshatrawadi plant. Pure water supply to start in 2-3 days.
फिल्टर बॉक्स (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nakshatrawadi Water Treatment Plant: नक्षत्रवाड़ी स्थित नए जलशुद्धीकरण केंद्र में फिल्टर बॉक्स की बैकवॉशिंग व आंतरिक सफाई का काम तेज गति से शुरू किया गया है। इस प्रक्रिया के चलते फिल्टर में मौजूद रेत व अन्य माध्यमों की बेहतर सफाई हो रही है, जिससे पानी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य अभियंता मनीषा पलांडे ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से जायकवाड़ी बांध का कच्चा व गंदला पानी जलशुद्धीकरण केंद्र तक पहुंचाया जा रहा था। इस पानी में गाद व टर्बिडिटी (मटमैलेपन) की मात्रा काफी अधिक थी। इसे देखते हुए पूरी पाइपलाइन व जलशुद्धीकरण प्रणाली की विशेष सफाई मुहीम शुरू की गई। 14 अप्रैल से 11 मई के बीच विभिन्न स्कॉर वाल्व के माध्यम से नियमित स्कॉरिंग कर पाइपलाइन में जमा गाद, मिट्टी व अन्य अशुद्ध तत्व बाहर निकाले गए।

जरूरत पड़ने पर रिवर्स स्कॉरिंग प्रक्रिया भी अपनाई गई। लगातार सफाई के कारण पानी की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिला। मुख्य अभियंता पलांडे ने बताया कि 11 मई से चरणबद्ध तरीके से नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र में पानी लेना शुरू किया गया।

शुरुआती दौर में कच्चे पानी की टर्बिडिटी 200 एनटीयू से अधिक थी। हालांकि, सफाई व रिवर्स स्कॉरिंग के बाद इसे घटाकर 15 एनटीयू से कम करने में सफलता मिली। इसके बाद 19 मई से फिल्टर बॉक्स की बैकवॉशिंग व आंतरिक सफाई शुरू की गई। इस प्रक्रिया में फिल्टर बॉक्स की रेत व फिल्टर माध्यम को पानी तथा उच्च दबाव वाली हवा की मदद से साफ किया जाता है। इससे फिल्टर में जमा गाद, सूक्ष्म अशुद्धियां व जैविक तत्व प्रभावी रूप से हटाए गए।

अब घरों में पहुंचेगा साफ पेयजल

अधिकारियों के अनुसार, बैकवॉशिग के दौरान पानी की टर्बिडिटी 800 से 1000 एनटीयू तक रहती है, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह घटकर 9 से 10 एनटीयू तक पहुंच जाती है। फिल्टर बॉक्स से निकलने वाले शुद्ध पानी की टर्बिडिटी अब 2 से 3 एनटीयू तक लाने में सफलता मिली है। जलशुद्धीकरण केंद्र की विभिन्न मशीनों, पंपिंग प्रणाली व उपचार प्रक्रियाओं की चरणबद्ध जांच भी की जा रही है।

पानी की गुणवत्ता से संबंधित बैक्टीरियोलॉजिकल व अन्य प्रयोगशाला परीक्षण अगले दो से तीन दिनों में पूरे किए जाएंगे। मनीषा पलांडे ने बताया कि सभी तकनीकी प्रक्रियाएं व गुणवत्ता जांच पूरी होने के बाद नई योजना के माध्यम से  संभाजीनगर शहर को प्रतिदिन अतिरिक्त पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा, नागरिकों को अधिक नियमित तथा गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध हो सकेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com