
अमित शाह और नितिन नबीन। इमेज-सोशल मीडिया
Nitin Nabin News: इस समय बिहार की राजनीति राज्यसभा की खाली होने वाली 5 सीटों को लेकर काफी सुर्खियों में है। यह चर्चा खासकर इस बात को लेकर है कि भाजपा इस बार 2 सीटों पर किसे भेजेगी? नितिन नबीन जब राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने तो चर्चा परवान चढ़ रही थी कि 1 सीट पर तो वही जाएंगे। भाजपा सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन राज्यसभा नहीं भेजे जा सकते हैं। इसकी वजह भी है। इसके पहले भी कई राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं, जो विधायक रहकर कई वर्ष तक राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे।
भाजपा के जाने माने चेहरों में से एक नितिन गडकरी हैं। ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के सदस्य से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर तय कर चुके हैं। नितिन गडकरी भारत सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाज रानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री रहे हैं। इससे पहले 2010 से लेकर 2013 तक वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे थे। 52 वर्ष की आयु में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बनने वाले वे इस पार्टी के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष भी थे।
नितिन गडकरी एक जनवरी 2010 से 22 जनवरी 2013 तक अध्यक्ष रहे। इस बीच वे वर्ष 2008 में वे अंतिम बार विधान परिषद चुने गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के समय वे विधान परिषद सदस्य थे। और ये वर्ष 2014 में नागपुर लोकसभा से चुनाव जीत कर आए थे।
22 अक्टूबर 1964 को जन्मे अमित अनिल चंद्र शाह गृह मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 2014 से 2020 तक भारतीय जनता पार्टी के 10वें अध्यक्ष के रूप में काम किया है। इस दौरान वे गुजरात के नरनपुरा विधानसभा से विधायक थे। शाह विधायक और राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर 2012 से लेकर 2017 तक बने रहे। यानी करीब तीन साल बाद वे विधायक रहकर भी भाजपा के अध्यक्ष बने रहे।
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इसके अतिरिक्त शाह जुलाई 2021 से पहले सहकारिता मंत्री भी रहे। वे 2014 से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे 2017 से 2019 तक गुजरात से संसद के उच्च सदन, राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे।






