घटनास्थल पर मौजूद पुलिस टीम। इमेज-सोशल मीडिया
Saharsa Headless Body News : बिहार के सहरसा से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के कलेजे को दहला दिया है। यहां एक 26 वर्षीय युवक राजेश कुमार की लाश जिस हाल में मिली, उसे देख पत्थर दिल इंसान की भी रूह कांप जाए। राजेश का सिर उसके धड़ से करीब 500 मीटर की दूरी पर पड़ा मिला। इस खौफनाक मंजर ने न केवल पुलिसिया सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए दफन कर दी हैं।
बेटे की इस भयावह स्थिति को देख मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बेसुध मां बार-बार एक ही बात दोहरा रही है कि 10 फरवरी को उसने वादा किया था कि वह होली पर घर आएगा, फिर वह इस हाल में क्यों लौटा? अब मुझे रोटी कौन खिलाएगा? राजेश केवल एक बेटा नहीं था, बल्कि 10 सदस्यीय परिवार की रीढ़ की हड्डी था। पिता की मृत्यु के बाद महज 3 साल की उम्र से संघर्ष देखने वाले राजेश ने कम उम्र में ही घर की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा ली थीं। वह बेंगलुरु में मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था।
घटना का खुलासा तब हुआ, जब सोनवर्षा में सुरसर नदी के किनारे ग्रामीणों ने सिर कटी लाश देखी। दहशत के बीच पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे सहरसा एसपी हिमांशु और डीएसपी मुकेश ठाकुर ने जब जांच शुरू की तो शव की पहचान राजेश के रूप में हुई। राजेश के चाचा (जो अब उसके सौतेले पिता भी हैं) ने रोते हुए बताया कि राजेश ही घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
यह भी पढ़ें : पीरागढ़ी फ्लाईओवर मिस्ट्री: साजिश या खुदकुशी? कार में मिली 3 लाशों पर परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
इस हत्याकांड ने पुलिस के सामने कई पेचीदा सवाल खड़े कर दिए हैं। राजेश बेंगलुरु से बिहार कब पहुंचा? उसकी हत्या इतनी बेरहमी से क्यों की गई और सबसे बड़ा सवाल कि हत्यारों ने उसके सिर को धड़ से अलग कर इतनी दूर क्यों फेंका? फिलहाल पुलिस प्रेम-प्रसंग, आपसी रंजिश और लूटपाट जैसे सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होती शव की तस्वीरों ने स्थानीय लोगों में आक्रोश और डर भर दिया है। यह घटना चीख-चीख कर कह रही कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म होता जा रहा है। अब सहरसा की जनता और पीड़ित परिवार को सिर्फ पुलिस की कार्रवाई और इंसाफ का इंतजार है।