अकोला कोर्ट का बड़ा फैसला, चरित्र पर संदेह में पत्नी की हत्या करने वाले पति को सुनाई उम्रकैद की सजा
Akola Court Verdict News: अकोला जिला न्यायालय ने 2020 के मालेगांव (मेहकर) पत्नी हत्या मामले में आरोपी मनोहर मेटांगे को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Crime News: अकोला जिला एवं सत्र न्यायालय क्रमांक 03 ने चान्नी पुलिस थाना क्षेत्र में घटित पत्नी हत्या प्रकरण में आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।
दोषी ठहराया गया आरोपी मनोहर मेटांगे (40), निवासी मालेगांव, तहसील मेहकर, जिला बुलढाना है। मामला 10 मई 2020 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पत्नी जिजाबाई मेटांगे के चरित्र पर संदेह करते हुए रात करीब 3 बजे उससे विवाद किया। इसी दौरान रसोईघर में रखे पत्थर के खलबत्ते से उसके सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
घटना के समय दंपति के पुत्र और पुत्री घर में ही मौजूद थे, जो इस भयावह घटना से अत्यंत भयभीत हो गए। हत्या के बाद आरोपी ने पत्नी की साड़ी गले में बांधकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, हालांकि वह प्रयास असफल रहा।
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चान्नी पुलिस ने दर्ज किया था मामला
घटना की जानकारी पड़ोसी कैलास राठोड़ ने दी। दरवाजा न खुलने पर उन्होंने रिश्तेदार संजय देवकर को बुलाया। सूचना मिलने पर सुबह करीब 5 बजे चान्नी पुलिस स्टेशन की टीम एवं एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने जिजाबाई को मृत घोषित किया।
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इस संबंध में चान्नी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की जांच पुलिस उपनिरीक्षक रामराव राठोड़ ने की और जांच पूर्ण कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान सरकार पक्ष की ओर से फरियादी एवं प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को पेश किया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों को ग्राह्य मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
इस प्रकरण में सजा सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी तथा एसडीपीओ पडघान (बालापुर) के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक लांडे, पैरवी पुलिसकर्मी पातोंड एवं महिला पुलिसकर्मी प्रिया शेगोकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी का नाम | मनोहर मेटांगे (40 वर्ष), निवासी बुलढाणा |
| घटना की तिथि | 10 मई 2020, रात 3:00 बजे |
| अपराध का हथियार | पत्थर का खलबत्ता (रसोईघर का) |
| कोर्ट का फैसला | आजीवन कारावास + ₹5,000 जुर्माना |
| जांच अधिकारी | PSI रामराव राठोड़ |
| मुख्य भूमिका | API लांडे, पैरवी कर्मी पातोंड, प्रिया शेगोकार |
