-
मंगल, 14 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Politics Nda Bihar Winning Strategy Modi Nitish Vs Rahul Tejashwi
सियासत-ए-बिहार: NDA ने पहले ही सेट कर दिए ‘बिहार विजयी’ समीकरण, मोदी-नीतीश का ‘राष्ट्रवादी रथ’ कैसे रोकेंगे राहुल-तेजस्वी?
- Written By: अभिषेक सिंह
एनडीए की रणनीतिक व्यूह रचना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की जोड़ी और आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन इस 'चक्रव्यूह' को भेद पाने में कामयाब हो पाएगा ?

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
पटना: बिहार में चुनावी ‘महाभारत’ का शंखनाद होने में महज कुछ महीनों का वक्त शेष है। सत्ता के सिंहासन के लिए होने वाली इस राजनैतिक लड़ाई के लिए सियासी दलों ने महारथियों को तैयार करना शुरू कर दिया है। एक-दूसरे को मात देने के लिए सियासतदान रणनीतिक जाल बुनने में जुट गए हैं और विजयश्री हासिल करने के लिए समीकरण सेट किए जाने लगे हैं।
नीतीश कुमार की अगुवाई वाला एनडीए राज्य की सत्ता पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए एक के बाद एक चाल चल रहा है। एनडीए नीतीश-मोदी के नाम और काम पर राजनैतिक माहौल बनाने में तो जुटा ही है साथ ही उसमें सोशल इंजीनियरिंग का समावेश और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए राष्ट्रवाद का रथ भी दौड़ा दिया है।
एनडीए की इस रणनीतिक व्यूह रचना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की जोड़ी और आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन इस ‘चक्रव्यूह’ को भेद पाने में कामयाब हो पाएगा ? विपक्ष को इससे निकलने के लिए क्या कुछ करना होगा? इन सवालों का जवाब तलाशते हैं इस रिपोर्ट में…
सम्बंधित ख़बरें
NEET और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे का केंद्र पर निशाना, सोनम वांगचुक के आंदोलन को दिया समर्थन
चुनावी हलफनामे से खुला प्रशांत किशोर की दौलत का राज, जानिए कितनी है नेटवर्थ और कहां-कहां है संपत्ति
Bihar By Election 2026: बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, रोड शो के बाद नीरज सिन्हा ने भरा पर्चा
बांकीपुर उपचुनाव में सियासी बवाल, वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर भड़के तेजप्रताप, बोले- सरकार का घेराव करेंगे
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और राष्ट्रवाद
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार में पहला विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने बिहार से ही आतंकियों का सफाया करने का वादा किया था। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
इसके बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय पीएम मोदी को देकर राजनीतिक माहौल बनाना शुरू कर दिया है। इस तरह एनडीए ने बिहार में राष्ट्रवाद के मुद्दे को राजनीतिक एजेंडे के तौर पर सेट करना शुरू कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर- सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिहार में पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं पहले से ही प्रबल मानी जाती हैं। भाजपा को एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक की तरह ऑपरेशन सिंदूर के सकारात्मक असर की उम्मीद है। जिस तरह से पीएम मोदी बिहार की रैलियों में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर रहे हैं, उससे एनडीए के पक्ष में राजनीतिक माहौल बन रहा है। ऐसे में तेजस्वी और राहुल गांधी को एनडीए के राष्ट्रवादी एजेंडे का तोड़ निकालना होगा।
सबसे सटीक ‘सोशल इंजीनियरिंग’
बिहार में एनडीए गठबंधन में बीजेपी, जेडीयू, चिराग पासवान की एलजेपी, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी शामिल हैं। इस तरह जेडीयू और बीजेपी ने अपने गठबंधन के जरिए मजबूत जातीय समीकरण बनाने की कोशिश की है। राजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार, कायस्थ और वैश्य बीजेपी के कोर वोट बैंक माने जाते हैं।
इसके अलावा बीजेपी ने ओबीसी और दलित वोटों में भी सेंध लगाई है। कुर्मी और अति पिछड़ी जातियां नीतीश कुमार की जेडीयू का कोर वोट बैंक मानी जाती हैं। मांझी की मुसहरों में पकड़ है, जबकि चिराग पासवान की दलितों में दुसाध समुदाय में मजबूत पकड़ है। इसी तरह उपेंद्र कुशवाहा की राजनीति कोइरी वोटों पर टिकी है।
एनडीए ने सवर्ण, कुर्मी, पिछड़ी जाति, कोइरी और दलित वोटों का मजबूत जातीय समीकरण बनाकर बिहार चुनाव लड़ने की योजना बनाई है। इस तरह एनडीए बिहार के करीब 65 फीसदी वोटों का लक्ष्य तय कर चुनावी मैदान में उतरी है। एनडीए के मजबूत जातीय समीकरण को तोड़े बिना राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के लिए बिहार की सत्ता में वापसी आसान नहीं है।
बिहार की राजनीति पूरी तरह से जाति तक ही सीमित है। बिहार में ओबीसी आबादी 65 फीसदी और दलित 17 फीसदी हैं। इस तरह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की राजनीतिक जोड़ी जाति जनगणना के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की कवायद में लगी थी, लेकिन मोदी सरकार ने आगामी जनगणना के साथ ही जातियों की गणना करने का फैसला करके भारत गठबंधन से एक बड़ा मुद्दा छीन लिया है।
‘जाति जनगणना’ का बड़ा दांव
एनडीए के पास विपक्षी भारत गठबंधन के मुकाबले मजबूत जातीय समीकरण है। मोदी सरकार द्वारा हाल ही में जाति जनगणना की घोषणा से एनडीए को फायदा मिलने की उम्मीद है। नीतीश कुमार पहले ही बिहार में जाति सर्वेक्षण करा चुके हैं और अब मोदी सरकार का जाति जनगणना दांव चुनाव में काफी अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में तेजस्वी-राहुल की जोड़ी को या तो कोई नया मुद्दा तलाशना होगा या फिर यह साबित करना होगा NDA उनकी बनाई लीक पर ही चलने की कोशिश कर रहा है।
एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नाम और काम पर लड़ने की रणनीति बनाई है। इसीलिए चुनाव से पहले ही साफ कर दिया गया है कि 2025 में एनडीए गठबंधन का सीएम चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे।
पीएम नरेन्द्र मोदी व नीतीश कुमार (सोर्स- सोशल मीडिया)
इस तरह बिहार में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे के साथ-साथ उनकी सरकार के दौरान किए गए कामों पर भी चुनाव लड़ने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा पीएम मोदी एनडीए का सबसे लोकप्रिय चेहरा माने जाते हैं। सिर्फ बीजेपी ही नहीं एनडीए के सभी घटक दलों ने तय किया है कि वे पीएम मोदी के नाम और काम पर बिहार चुनाव लड़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के बाद से ही बिहार पर खास फोकस रखा है। एक के बाद एक बिहार का दौरा कर पीएम मोदी विकास की सौगात देने के साथ ही राजनीतिक माहौल बनाने में जुटे हैं। विपक्ष राहुल-तेजस्वी की मोदी-नीतीश जोड़ी के खिलाफ खड़ा है। ऐसे में देखना होगा कि बिहार चुनाव में कौन सी जोड़ी हिट होती है।
बीजेपी सेट कर रही हिंदुत्व का एजेंडा
बिहार में बीजेपी राष्ट्रवाद और मजबूत जातिगत समीकरणों के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने में जुटी है। हिंदुत्व की राजनीतिक पिच पर बीजेपी को मात देना विपक्ष के लिए आसान नहीं है। इसीलिए बीजेपी ने हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने और बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और बहुसंख्यक मतदाताओं को लुभाने के लिए बिहार में आक्रामक हिंदुत्व की राजनीति के लिए मशहूर अपने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को मैदान में उतारा है। हाल ही में उन्होंने हिंदू वोटों को एकजुट करने के लिए सनातन यात्रा भी निकाली थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राम मंदिर की तर्ज पर बिहार में माता सीता का मंदिर बनाने का ऐलान किया है। बीजेपी की पूरी रणनीति हिंदुत्व के जरिए जातियों में बिखरे हिंदू वोटों को एकजुट करने की है, क्योंकि बिहार में जातिगत राजनीति हावी रही है। इस तरह से बीजेपी ने बिहार चुनाव जीतने के लिए अपनी तैयारी कर ली है।
Bihar politics nda bihar winning strategy modi nitish vs rahul tejashwi
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के टेरर नेटवर्क पर महाराष्ट्र ATS का प्रहार, पुणे समेत कई शहरों में छापेमारी
Jul 14, 2026 | 11:38 AMRetail Inflation: थम नहीं रही महंगाई की मार! लगातार छठे महीने बढ़ी दर, जून में थाली से राशन तक सब कुछ महंगा
Jul 14, 2026 | 11:38 AMमहाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 2 बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
Jul 14, 2026 | 11:37 AM‘मोटी थी, इसलिए मिला रोल… ‘अक्षय कुमार की फिल्म को लेकर अंजलि आनंद का खुलासा
Jul 14, 2026 | 11:32 AMGummidipoondi Boiler Blast: तमिलनाडु के स्टील प्लांट में फटा बॉयलर, एक मजदूर की मौत और चार घायल
Jul 14, 2026 | 11:31 AMमध्य प्रदेश में तबादलों पर मचा घमासान, मंत्री और सचिव आमने-सामने, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक पहुंचा मामला
Jul 14, 2026 | 11:30 AMअमरावती में नकली सोयाबीन बीजों के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा, खाली थैलियां पहनकर SDO दफ्तर पर प्रदर्शन
Jul 14, 2026 | 11:26 AMवीडियो गैलरी

रात के 2 बजे बेंगलुरु की सड़कों पर घूमती नोएडा की लड़कियों ने खोली पोल! देखें VIDEO
Jul 13, 2026 | 11:18 PM
असली राम के बाद अब TV वाले राम का दरबार भी सुरक्षित नहीं! अरुण गोविल के PA के यहाँ 10 लाख की चोरी, देखें VIDEO
Jul 13, 2026 | 11:04 PM
आगरा बना दुनिया का सबसे बड़ा नकली दवाओं का अड्डा! सेना और अस्पतालों तक फैली नकली दवाईयां, देखें VIDEO
Jul 13, 2026 | 10:42 PM
तिरंगा चौराहा नाम रखने पर कानपुर पुलिस ने की बर्बरता, युवक को घर में घुसकर पीटा! देखें VIDEO
Jul 13, 2026 | 10:42 PM
मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े नरोत्तम मिश्रा, बाहुबली का यह आंसू BJP को पड़ेगा भारी! देखें VIDEO
Jul 13, 2026 | 10:29 PM
आशू शर्मा नाम बताने वाले युवक के साथ तालिबानी बर्बरता! लड़की से भी सरेआम हुई मारपीट, VIDEO वायरल
Jul 13, 2026 | 10:16 PM














