

BJP Slams Congress Karnataka: कर्नाटक की राजनीति में अब नए युग की शुरुआत हो चुकी है। सिद्धारमैया ने कल इस्तीफा दे दिया है और अब डीके शिव कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होंगे। इस्तीफे के बाद राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच आज सुबह 9 बजे बैठक होने वाली है। कर्नाटक में सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने कर्नाटक राज्य की राजनीति को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सत्ता को लेकर एक तरह की 'टेंडरिंग व्यवस्था' चल रही है।
उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी हर चीज के लिए बोली लगाई जाती है। उनके अनुसार, कांग्रेस में जैसे किसी प्रोजेक्ट के लिए बोली लगती है, वैसे ही राज्यों और पदों का बंटवारा भी हो रहा है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस नेता की 'हाईएस्ट बिड' होती है, उसे मुख्यमंत्री बना दिया जाता है और जो पीछे रह जाता है, उसे हटा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार सिद्धारमैया की बिड कमजोर पड़ गई, इसलिए उन्हें पद से हटा दिया गया। गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस ने एक ऐसा मॉडल पेश किया है जिसमें नेतृत्व चयन किसी पारदर्शी राजनीतिक प्रक्रिया के बजाय 'बोली लगाने' जैसी व्यवस्था जैसा दिखता है।
यह कर्नाटक की जनता का एक तरह से अपमान है, लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है। जिस तरह से आने वाले समय में उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल से कांग्रेस का सफाया हो गया है, उसी तरह कर्नाटक से भी कांग्रेस का सफाया हो जाएगा।
इस दौरान बीजेपी नेता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दावा करती है कि राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के सबसे बड़े नेता हैं, लेकिन उन्हें पहले यह अच्छी तरह जान लेना चाहिए कि क्या इंडिया गठबंधन अस्तित्व में है भी या नहीं। उनका कहना है कि यह गठबंधन अलग-अलग राज्यों में अपनी अलग-अलग लड़ाई लड़ते है, कभी एक साथ नहीं लड़ते।
गौरव वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में विपक्षी दलों ने मिलकर चुनाव लड़ने की बजाय अलगअलग चुनाव लड़ा। अब यह सवाल उठता है कि क्या सच में इंडिया गठबंधन का अस्तित्व है? उन्होंने कहा कि अगर कोई गठबंधन मौजूद ही नहीं है, तो उसके नेतृत्व का दावा करना भी सवालों के घेरे में आता है।